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Hisar News: तीसरी बार बढ़ेगी सूर्य नगर आरओबी की डेडलाइन

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हिसार। शहर में निर्माणाधीन सूर्य नगर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) व अंडरब्रिज (आरयूबी) की डेडलाइन पूरी होने में अब ढाई माह से भी कम का समय बचा है, जबकि अभी भी करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा काम बचा है। इस हिसाब से तीसरी बार इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा प्रोजेक्ट की लागत में भी बढ़ोतरी होगी। रेलवे के हिस्से में ड्राइंग में किए गए बदलाव के कारण लागत में वृद्धि होगी।
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बता दें कि फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को नवंबर 2021 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित था। मगर लॉकडाउन व बिजली लाइनों की देरी से शिफ्टिंग के कारण समय अवधि 9 माह और बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी। वहीं अगस्त 2019 में रेलवे की एजेंसी को टेंडर अलॉट होने के बाद भी ड्राइंग पास न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। सितंबर 2019 में रेलवे के हिस्से की ड्राइंग मंजूर हुई, जिसके बाद दिसंबर 2019 में काम शुरू हुआ। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को डेढ़ साल में अपने हिस्से का काम पूरा करना है। इस हिसाब से यह प्रोजेक्ट मई तक पूरा करना होगा।
ये काम अभी बाकी
रेलवे के हिस्से पर कुल 12 पिलर बनने हैं, जिनमें से अभी तक 8 पिलर ही बने हैं। इनका भी थोड़ा काम बचा हुआ है। पिलर के बाद इन पर गार्डर रखे जाएंगे और फिर स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दो अंडरब्रिज भी बनाए जाने हैं। इनका भी 50 प्रतिशत काम अभी होना बाकी है। उधर बीएंडआर के हिस्से में भी दो पिलर पर गार्डर रखने का काम बचा है। रेलवे के पिलर बनने के बाद ही यह काम हो सकेगा। उधर विद्युत नगर की तरफ पिलर निर्माण में बाधा बन रही सीवर की लाइन का समाधान कर दिया गया है। ठेकेदार ने अब इस प्वाइंट पर पिलर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
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पहले ड्राइंग में थे सिंगल पिलर, बाद में कर दिए डबल
शुरुआत में बनाई गई आरओबी की ड्राइंग में रेलवे के हिस्से में भी सिंगल पिलर ही डिजाइन किए गए थे। मगर बाद में ड्राइंग में बदलाव कर सिंगल के बजाय डबल पिलर कर दिए गए। शुरुआत में जो एस्टीमेट मंजूर किए गए थे, वह पुरानी ड्राइंग के हिसाब से ही थे। पिलर की संख्या बढ़ने से पाइल की संख्या भी बढ़ गई, जिससे खर्च भी बढ़ गया। एजेंसी की मानें तो रेलवे हिस्से के लिए 19.76 करोड़ रुपये का एस्टीमेट मंजूर किया गया था।
इन बाधाओं से पाना होगा पार
- रेलवे की अनुमति मिलने के बाद ही एजेंसी रेलवे के हिस्से में अंडरपास काम शुरू कर सकेगी।
- रेलवे के हिस्से वाले गार्डर के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण होना अभी भी बाकी है। उसके बाद ही गार्डर का निर्माण किया जाएगा।
- हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक के पास पिलर निर्माण के लिए फाटक व सिग्नल को शिफ्ट किया जाना बाकी है।
इन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस आरओबी व अंडरब्रिज के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा। इस आरओबी की लंबाई 1185 मीटर है। यह शहर का सबसे लंबा आरओबी होगा।
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