घिराय। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित धान्सू गांव में अब 64 सीसीटीवी कैमरों से पहरेदारी होगी। चोरी और आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए ग्राम पंचायत ने करीब 10 लाख रुपये खर्च कर सुरक्षा प्रोजेक्ट तैयार किया है।
गांव के चौक-चौराहों, मुख्य मार्गों और स्कूल, लाइब्रेरी व गौशाला जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इनकी फुटेज देखने और रिकॉर्डिंग पर नजर रखने के लिए लाइब्रेरी में मॉनिटरिंग सेंटर बनाया गया है।
कैमरों से गांव के प्रमुख रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। पंचायत का उद्देश्य चोरी रोकना और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में रिकॉर्डिंग से घटनाक्रम समझने और जांच के लिए साक्ष्य जुटाने में भी मदद मिल सकती है। संवाद
लाइब्रेरी में मॉनिटरिंग सेंटर
कैमरों की लाइव फुटेज देखने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए लाइब्रेरी में सेंटर बनाया गया है। चोरी या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर संबंधित कैमरे की रिकॉर्डिंग से जानकारी मिल सकेगी। जरूरत पड़ने पर पंचायत और पुलिस को जांच में भी सहायता मिलेगी।
दूसरे गांवों से प्रेरित होकर उठाया कदम
ग्राम पंचायत ने दूसरे गांवों में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं से प्रेरणा लेकर यह पहल की है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और किसी घटना के बाद उसके कारणों की पड़ताल में मदद करना है।
लाइब्रेरी में मॉनिटरिंग सेंटर बनाया
सरपंच प्रतिनिधि सुरजीत वर्मा ने बताया कि करीब 10 लाख रुपये की लागत से 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए लाइब्रेरी में मॉनिटरिंग सेंटर बनाया गया है। पंचायत का उद्देश्य चोरी और अन्य नकारात्मक गतिविधियों पर अंकुश लगाना तथा किसी अप्रिय घटना की स्थिति में रिकॉर्डिंग से जरूरी जानकारी हासिल करना है।
ग्रामीण सुरक्षा की दिशा में पहल
कैमरों की नियमित निगरानी और रिकॉर्डिंग का सुरक्षित रखरखाव होने से चोरी रोकने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जांच में मदद मिल सकती है। अब यह व्यवस्था गांव की सुरक्षा मजबूत करने में कितनी कारगर साबित होती है यह देखना होगा।