बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा की पहली एससी सदस्य चुनी गईं अधिवक्ता सुनीता कलसन।
हिसार। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के वकीलों के मतदान में अधिवक्ता सुनीता रजत कलसन को 38,400 वोट मिले हैं। इस जीत के साथ ही वह बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा की पहली अनुसूचित जाति (एससी) महिला सदस्य बन गई हैं। 52 वर्ष के इतिहास में पहली बार एससी वर्ग से कोई महिला सदस्य बार काउंसिल में चुनी गई है। सुनीता कलसन 51 महिला उम्मीदवारों में दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने अपनी जीत डॉ. बीआर आंबेडकर को समर्पित की है।
अधिवक्ता सुनीता का पारिवारिक संबंध भी वकालत से रहा है। वे एससी समाज के प्रसिद्ध अधिवक्ता रजत कलसन की जीवनसंगिनी हैं। उनके देवर रोहित कलसन बार एसोसिएशन हांसी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके ससुर अधिवक्ता रिखीराम जिला बार एसोसिएशन हांसी के वरिष्ठतम अधिवक्ता हैं।
इस चुनाव में पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के करीब 80 हजार वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कार्यकारिणी में 18 पुरुष और सात महिला सदस्य होंगे। सात महिला सदस्यों में से पांच का चुनाव हुआ है, जबकि दो महिला सदस्यों को बार काउंसिल द्वारा नामांकित किया जाएगा।
चुनाव में रोहतक की अंजलि सहरावत पहले स्थान पर रहीं। इनके अलावा जींद के सफीदों से अधिवक्ता शर्मिला शर्मा, पंजाब से रजनी नंदा और अमरजीत कौर भी सदस्य चुनी गई हैं। पुरुष अधिवक्ताओं के मतों की गिनती जारी है और एक सप्ताह में परिणाम आने की संभावना है। इस बीच कई वकीलों ने एससी महिला को बार काउंसिल का चेयरपर्सन बनाने की मांग भी उठाई है। मांग उठाने वालों में अधिवक्ता सुदेश यादव, सुरेंद्र यादव, मनजीत आर्य, दयानंद शर्मा, मानसिंह चौहान, शीतल शीला, शीला राठी और सरोज कांटीवाल शामिल हैं।