हिसार। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एडीजे) खत्री सौरभ की अदालत ने शनिवार को करीब साढ़े चार साल पहले नौ वर्षीय मासूम सुमित की नहर में डुबोकर हत्या करने के मामले में गांव भाणा निवासी सुनील को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 40,000 रुपये जुर्माना भी लगाया।
आदमपुर थाना पुलिस ने 23 मई 2021 को विनोद की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनका 9 वर्षीय बेटा सुमित 22 मई 2021 को शाम करीब साढ़े पांच बजे गली में खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी सुनील ने सुमित को बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। जब बच्चा घर नहीं लौटा, तो विनोद ने सुनील को कई बार कॉल की, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। बाद में सुनील ने स्वयं कॉल कर बताया कि उसने सुमित को काजलहेड़ी के पास नहर में फेंक दिया।
शिकायत में बताया गया कि सुनील अपनी पत्नी माया के साथ विनोद के अवैध संबंध होने का शक करता था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ साजिश रचकर मासूम की हत्या की। पुलिस ने मामले में धारा 364, 302 और 120बी के तहत जांच पूरी की। सबूत और गवाहों के आधार पर अदालत ने सुनील को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई।