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Hisar News: परीक्षाओं के दौरान तनाव में न रहे विद्यार्थी, समय का सदुपयोग कर अच्छे से करें तैयारी

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हिसार। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा नजदीक आने पर छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ जाता है, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभिभावकों और गुरुजनों का सहयोग विद्यार्थियों को तनाव कम करने में मदद करता है। परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए और समय को टाइम टेबल के अनुसार विभाजित करना चाहिए। तनाव से बचने के लिए पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से करना चाहिए। इसके साथ ही अभिभावकों को भी तनाव पर नियंत्रण रखना चाहिए, ताकि बच्चों का सही मार्गदर्शन कर सकें। उनके समर्थन से ही बच्चे अपनी क्षमता के अनुसार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। जानते हैं विशेषज्ञों से सफलता के मंत्र।
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शिक्षक के कोट
परीक्षा को लेकर विद्यार्थी तनाव में न रहें। स्वयं प्रश्न हल करने का प्रयास करें। किसी भी विषय को बोझ की तरह न समझें और पिछले साल के प्रश्न पत्र से अभ्यास करें। इसके अलावा संबंधित विषय अध्यापक से भी संपर्क में रहें और जिस भी विषय में परेशानी आ रही है उसे अध्यापक की सहायता से हल करें। इसके अलावा परीक्षा के समय में माता-पिता भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। - राजेश कुमार, अंग्रेजी प्रवक्ता, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजपुल हिसार।

12वीं कक्षा के विद्यार्थी समष्टि अर्थशास्त्र धारणाओं को याद करने की बजाय समझने का प्रयास करें और संख्यात्मक प्रश्नों को हल करने का अधिक से अधिक अभ्यास करें। भारतीय आर्थिक विकास पर आधारित प्रश्नों के संक्षिप्त नोट बनाएं। पिछले वर्षों के 5-10 प्रश्न पत्रों को जरूर हल करें। नियमित रिवीजन करें और मॉक टेस्ट देकर समय प्रबंधन सुधारें, प्रश्नों की शब्द सीमा को गंभीरता से लें। - संदीप शर्मा, अर्थशास्त्र प्रवक्ता, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजपुल हिसार
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मैंने 12वीं में 92.6% के साथ कक्षा में टॉप किया था। परीक्षा को लेकर नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लिया और सभी शिक्षकों से अवधारणा को अच्छे से समझाते थे, जिससे मुझे और अधिक तेजी से सीखने और समझने में मदद मिली। परीक्षाओं के दिनों में विषयों के अनुसार तैयारी करती थी। स्कूल से आने के बाद समय 5-6 घंटे पढ़ती थी। मैंने अपनी परीक्षा से पहले विभिन्न सैंपल पेपर हल किए और अपने सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन में जो भी संदेह थे उन्हें दूर किए। -दीप्ति बंसल, छात्रा

परीक्षा के दिनों में नियमित रूप से टाइमटेबल बनाकर विषय के अनुसार तैयारी की थी। जिसके परिणाम स्वरूप 12वीं में में 97.2% अंक प्राप्त किए थे।इसके लिए माता-पिता और शिक्षकों का मार्गदर्शन भी रहा है। स्कूल के अलावा घर आकर भी प्रतिदिन 7-8 घंटे पढ़ाई की। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को अपने सभी टॉपिक क्लीयर करने चाहिए। कहीं भी उलझन की स्थिति में न रहें। रिविजन करना चाहिए। - अंकित ं
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