कार्यकारी परिषद ने भी विश्वविद्यालय द्वारा ‘महिला सशक्तीकरण’ तथा ‘बेटी पढ़ाओ व बेटी बचाओ’ अभियान को सार्थक करने के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा की है।
कार्यकारी परिषद ने विश्वविद्यालय द्वारा इस संबंध मेें लिए गए निर्णयों पर मुहर लगा दी है। कार्यकारी परिषद ने विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली विवाहित छात्राओं को जरूरत पड़ने पर 45 दिन का मातृत्व अवकाश देने तथा एक बेटी के लिए विश्वविद्यालय के यूजीसी अनुमोदित कोर्सों में एक अतिरिक्त सीट आरक्षित करने के फैसले को मंजूरी दे दी है।
विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की 71वीं बैठक मंगलवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
बैठक का संचालन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एम.एस. तुरान ने किया। इसके अतिरिक्त बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण एजेंडे भी पास किए गए।
बैठक में डॉ. एल.सी. गुप्ता, डॉ. एल.एन. गुप्ता, डॉ. जे.ए. खान, के.सी. अरोड़ा, अतिरिक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा डॉ. यशपाल सिंह बेरवाल, प्रो. आर.के.गुप्ता, प्रो. ऊषा अरोड़ा, प्रो. दिनेश चुटानी, प्रो. धर्मेन्द्र कुमार, प्रो. देवेन्द्र मोहन, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार व डॉ. सुनील कुमार उपस्थित थे।
ज्ञान कार्यक्रम के लिए चुनने पर खुशी
बैठक में विश्वविद्यालय को एचआरडी मंत्रालय द्वारा ‘ज्ञान कार्यक्रम’ के लिए चुने जाने पर भी विश्वविद्यालय की प्रशंसा की गई।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने विवाहित छात्राओं के लिए अपने कोर्स के दौरान 45 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त जिस माता-पिता की केवल एक या दो बेटियां हैं और उनका बेटा नहीं है। ऐसी एक बेटी के लिए विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुमोदित कोर्सों में एक सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। यह सीट अनुमोदित सीटों के अतिरिक्त होगी।
इनकी हुई नियुक्ति
बैठक में पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. वी.के. गर्ग की प्रोफेसर के रूप में तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. युद्धवीर सिंह की ऐसोसिएट प्रोफेसर के रूप नियुक्ति को स्वीकृति दी गई है।
इसके अतिरिक्त पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के बायोटेक्नॉलोजी विभाग के डॉ. वी.के. जिन्दल व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के भूतपूर्व प्रोवाइस चांसलर एवं जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी गूना के डीन (रिसर्च) प्रो. डी.एस. हुड्डा को ओनरेरी प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति की गई है।
बैठक में विज्ञापन प्रबंधन एवं जनसंपर्क विभाग को संचार प्रबंधन एवं तकनीकी विभाग में शामिल करने की स्वीकृति भी दी गई है।