हिसार में वास परिसर में प्रदर्शन करते छात्र नेता हरिकेश ढांडा और वीएलडीडी छात्र।
हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में वीएलडीडी फर्स्ट ईयर (सत्र 2024-25) का रिजल्ट घोषित न होने के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अनिश्चितता में है।
इनसो के छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने कहा कि आमतौर पर परिणाम एक महीने में घोषित हो जाते हैं, लेकिन इस बार महीनों से रिजल्ट लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले साल का परिणाम घोषित किए बिना छात्रों से सेकेंड ईयर की फीस वसूली गई और उन्हें अगले साल में प्रवेश दे दिया गया, जबकि सेकेंड ईयर का रिजल्ट पहले ही आ चुका है। ढांडा ने कहा कि यह स्थिति छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य को संकट में डाल रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब की मांग की।
वीएलडीडी का प्रश्नपत्र लीक होने की प्राथमिकी दर्ज, दो माह की जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के प्रथम वर्ष वीएलडीडी कार्यक्रम (सत्र 2024-25) की वार्षिक थ्योरी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में विवि प्रशासन की शिकायत पर अब पुलिस ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि विवि प्रबंधन परीक्षा रद्द कर चुका है। आरोप है कि फार्मेसी और फार्माकोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था।
लुवास प्रशासन को पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार
लुवास के पीआरओ डॉ. नीलेश सिंधु ने बताया कि 14 नवंबर और सात दिसंबर को पुलिस को घटना की सूचना दी गई थी। पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विवि प्रशासन अगला निर्णय लेगा। इसके लिए मंगलवार को फिर से पुलिस प्रशासन से वार्ता की गई है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विवि किसी संबंधित केंद्र या विषय की परीक्षा रद्द, दोबारा कराने या परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लेगा। परीक्षा 23 अक्तूबर से छह नवंबर 2025 तक सात विषयों के लिए विवि के एक संघटक और 15 संबद्ध निजी महाविद्यालयों में आयोजित की गई थी। 7 नवंबर को एक छात्र ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को शिकायत की, जिसमें उसने बताया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उसे व्हाट्सएप पर मिला था। जांच में सामने आया कि वायरल हुआ प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाता था।