हिसार। डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने संयुक्त रूप से बुधवार को सहायक प्रोफेसर की 2023 के विज्ञापन में नया नियम लागू करने के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान छात्र नेता सुमेश बापोड़ा और विकास बनभोरी की अध्यक्षता में कुलपति कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
सुमेश ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए 2023 में विज्ञापन दिया था जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के लिए 12 पद आरक्षित थे। प्रारंभ में हरियाणा में एक ही श्रेणी थी। बाद में राज्य सरकार ने इसे दो उप-श्रेणियों में डीएससी और ओएससी में विभक्त कर दिया। विश्वविद्यालय ने अब इन भर्तियों के लिए एक नया नोटिस जारी किया है। इसमें विभिन्न पदों पर उप वर्गीकृत कर दिया गया जो पूरी तरह से गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
छात्र नेता विकास ने बताया कि बताया कि गुजवि ने वर्ष 2023-24 में असिस्टेंट प्रोफेसर्स के कुछ पदों पर विज्ञापन निकाला था। विज्ञापन में अनुसूचित जाति की एक ही कैटेगरी के नियमों के अनुसार भर्ती की जानी थी, लेकिन इनमें से कुछ पदों के लिए परीक्षा आयोजित करवा कर परिणाम घोषित कर दिया गया है। अभी नियमों में बदलाव करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। नए नियम को लागू किया गया तो छात्र संगठनों की ओर से इसका विरोध किया जाएगा। इस दौरान अंकित चोपड़ा, प्रमोद सिसाय, सोनू , गौरव, नवीन और विजय मौजूद रहे।