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Haryana: कुलपति को हटाने की मांग पर एचएयू में छात्र न्याय महापंचायत आज, टिकैत समेत कई किसान नेता पहुंचेंगे

Tue, 24 Jun 2025 06:22 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, हिसार

सार

छात्रों ने बताया कि 24 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक न्याय महापंचायत के लिए पूरी तैयारियां हैं। इस छात्र महापंचायत में सभी छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।
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hau - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में आंदोलनरत विद्यार्थियों की मंगलवार को कुलपति को हटाने की मांग को लेकर छात्र न्याय महापंचायत होगी। छात्र महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत, युद्धबीर सिंह, गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित अन्य हिस्सा लेंगे। वहीं, सोमवार को 14वें दिन तेज बारिश के बाद भी विद्यार्थियों ने बेमियादी धरना जारी रखा।

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विद्यार्थियों ने सोमवार को मीडिया के समक्ष आकर कहा कि हमारी पहले दिन से ही 8 मांग हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हमारे आंदोलन को लेकर गलत बयान दिए हैं। यह धरना किसी पार्टी का नहीं है। धरने के तीसरे दिन धरनास्थल पर आकर भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने समर्थन दिया था। इसके बाद दूसरे जजपा, इनेलो, कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।

विद्यार्थियों ने कहा आज के दिन देश में अपना अधिकार मांगना देशद्रोह हो गया है। हमारी तुलना ज्योति मल्होत्रा से की जा रही है। हमें इमोशनल फूल बताया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम भले ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ हों, लेकिन मानसिक तौर पर चोटिल जरूर हुए हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ऐसी कोई बात न कहें, जिससे हमारा मनोबल कमजोर हों।
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बाबल कैंपस से आए विद्यार्थियों ने कहा कि वहां हमारे प्राचार्य ने झूठ बोला कि एचएयू में धरना समाप्त हो गया है। वहां दबाव बनाया जा रहा था। बावल में धरना दे रहे सभी साथी एचएयू में आ गए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गलत बताई जा रही है। एक विद्यार्थी ने तीन पेपर दिए तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे तीन बता रहा है। बावल में केवल 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। वह भी शिक्षकों या किसी दबाव में परीक्षा दे रहे हैं।

सभी छात्र संगठनों को आमंत्रित किया...
विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन अब सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह हर उस युवा की आवाज बन गया है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा कि यह संघर्ष सिर्फ अपने लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
छात्रों ने बताया कि 24 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक न्याय महापंचायत के लिए पूरी तैयारियां हैं। इस छात्र महापंचायत में सभी छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।

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