हिसार। शहर के गली-मोहल्लों ही नहीं पॉश इलाकों तक में आवारा कुत्ते राहगीरों के लिए हैवान बने हैं, निगम के पास इनका कोई समाधान है न पालतू कुत्तों का डेटा है। आवारा कुत्तों के काटने के पिछले छह माह में 1829 मामले सामने आ चुके हैं। उधर, पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए निगम प्रशासन ने अब तक कोई अभियान नहीं चलाया है और न ही शहरवासी जागरूक हैं।
नियमानुसार कोई व्यक्ति कुत्ता पालता है तो उसका पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पंजीकरण नहीं करवाने पर जुर्माने का प्रावधान है। शहर में हजारों की संख्या में पालतू कुत्ते हैं, लेकिन इनके पालकों ने पंजीकरण से दूरी बना रखी है। पालतू कुत्तों में कई तो खतरनाक ब्रीड के हैं, जिनके काटने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
आवारा कुत्तों के टीकाकरण-बधियाकरण का इंतजार
नगर निगम ने आवार कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण के लिए अभी टेंडर अलॉट कर रखा है, लेकिन एजेंसी कब काम शुरू करेगी, इस बारे में न तो निगम अधिकारी और न ही एजेंसी कुछ बता पा रही है। निगम प्रशासन के मुताबिक एजेंसी को 5 हजार कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण करना है।
टीकाकरण-बधियाकरण का तुरंत नहीं दिखेगा असर
पशु वैज्ञानिक डॉ. निलेश सिंधु के मुताबिक बधियाकरण से कुत्तों के व्यवहार में तुरंत कोई बदलाव नहीं दिखेगा। इतना जरूर है कि इनकी बढ़ती तादाद पर रोक लग जाएगी। कुत्ते का हर साल टीकाकरण करवाना जरूरी होता है। जन्म के तीसरे व चौथे महीने में एक टीका लगता है। इसके बाद हर साल बूस्टर डोज लगवानी होती है।
ऐसे करवाएं पंजीकरण
सरल पोर्टल पर पालतू का पंजीकरण करवाया जा सकता है। पंजीकरण शुल्क 500 रुपये है। इसके साथ कुत्ते की फोटो, मालिक का आधार कार्ड व कुत्ते के वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट अपलोड करना होता है। इसके बाद हर साल पंजीकरण का नवीनीकरण करवाना होता है, जिसकी फीस 250 रुपये है। निगम की तरफ से कुत्ते के मालिक को पंजीकरण सर्टिफिकेट दिया जाता है।
केस नंबर एक
राजीव नगर में जनवरी माह में पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने एक व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया। इस व्यक्ति को बचाने एक महिला आई तो उसे भी काट लिया। पीड़ित को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां घाव गहरा होने की वजह से हाथ में 7-8 टांके लगाने पड़े।
केस नंबर दो
27 जुलाई 2023 को गांव ढंढूर में तेजा मार्केट निवासी एक महिला को पिटबुल ने काट लिया। इस दौरान महिला बचाव में दूसरे पैर से उसे मारती रही, लेकिन वह मजबूती से दांत गड़ाता रहा। घायल महिला के परिजन उसे नागरिक अस्पताल लेकर आए।
रात में सड़कों पर अपराधियों से ज्यादा कुत्तों का खौफ
शहर में आवारा कुत्तों से हर कोई खौफजदा है। रात में सड़कों ही नहीं गेट बंद पॉश कॉलोनियों में भी लोग डरे-सहमे बाहर निकलते हैं। दुपहिया चालक बाइक भगाने के चक्कर में चोटिल होते हैं। पिछले छह माह में ही 1,829 लोगों को कुत्तों ने काटा। इनमें 490 महिलाएं और 1,339 पुरुष हैं। जिला नागरिक अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाने के लिए औसतन हर माह 300 लोग आ रहे हैं।
एआरवी लगाने अस्पताल में पहुंचे मरीज
माह महिला पुरुष
जनवरी 62 174
फरवरी 62 203
मार्च 82 190
अप्रैल 66 210
मई 69 156
जून 62 182
जुलाई 87 224
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जल्द शुरू हो बधियाकरण
आवारा कुत्तों का जल्द से जल्द बधियाकरण व टीकाकरण शुरू करवाया जाए। आक्रामक कुत्तों को आश्रय स्थल में छोड़ा जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिए हैं। पालतू कुत्तों के मालिक भी उन्हें घुमाते समय मुंह पर पट्टा व गले में चेन बांधे। - प्रवीण सिंघल, संरक्षक, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 14 पार्ट टू
पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए निगम को सख्ती करनी चाहिए। लोग अपने पालतू कुत्ते को कहीं भी शौच करवा देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आवारा कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण शीघ्र करवाया जाए। - प्रवीण जैन, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 9-11
पंजीकरण के लिए करेंगे जागरूक
जल्द ही आवारा कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण का काम शुरू हो जाएगा। शहरवासियों को पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
- नीरज, निगमायुक्त