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Hisar News: लॉकडाउन में रेस्तरां बंद हुआ तो शुरू किया स्टार्टअप

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 ड्रोन के साथ विविन, नवदीप व आयाशी।
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हिसार। मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना है तो कोई बाधा आपको मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। इसी को सच साबित कर दिखाया हिसार के अर्बन एस्टेट निवासी विविन राणा ने। कोरोना के कारण लॉकडाउन में रेस्टोरेंट बंद होने के बाद विविन ने हार मानने की बजाय नई राह ढूंढ़ी। सोलर ट्यूबवेल का व्यवसाय शुरू किया, हालांकि इसमें सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन एक आइडिया जरूर मिल गया। इसी आइडिया के आधार पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एबिक सेंटर से प्रशिक्षण लेकर दोस्तों के साथ स्टार्टअप शुरू किया। आज विविन की कंपनी न सिर्फ ड्रोन का निर्माण कर रही है बल्कि 10 राज्यों में ड्रोन की मदद से दवा छिड़काव भी कर रही हैं। विविन ने अपनी कंपनी के माध्यम से 24 लोगों को रोजगार दे रखा है।
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विविन बताते हैं कि वर्ष 2015 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री हासिल करने के बाद दिल्ली के पंजाबी बाग में एक रेस्टोरेंट शुरू किया। मगर लॉकडाउन में रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। वर्ष 2022 में सोलर ट्यूबवेल का काम शुरू किया। इसमें आईआईटी कानपुर से पासआउट ओडिशा निवासी दोस्त आयाशी आशीर्बाद को साथ जोड़ा। दोनों सरकार की कुसुम स्कीम के तहत किसानों को सोलर ट्यूबवेल लगवाने में मदद करते थे। एक साल तक यह व्यवसाय किया और वर्ष 2023 में बंद कर दिया।



किसानों से मिला स्टार्टअप का आइडिया



विविन ने बताया कि सोलर ट्यूबवेल वाले व्यवसाय के दौरान वे काफी किसानों के संपर्क में आए। इसी दौरान आइडिया मिला कि क्यों न किसानों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने साथ जोड़ें। एक और दोस्त नवदीप सिनवर भी उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद तीनों ने ड्रोन के स्कोप के संबंध में देश के कई राज्यों का भ्रमण कर सर्वे भी किया। जनवरी 2024 में पैसा जुटाना शुरू किया। एचएयू के एबिक सेंटर के विक्रम सिंधु के संपर्क में आए और अपना आइडिया प्रस्तुत किया, जिसका चयन कर लिया गया। खुद का स्टार्टअप शुरू करने के लिए 25 लाख रुपये की ग्रांट मिली।
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यूं शुरू किया स्टाटर्पअप

स्टार्टअप की ग्रांट के अलावा कुछ पैसा खुद निवेश किया। इसके बाद अन्य कंपनियों से ड्रोन लेकर बेचना शुरू किया। जिन लोगों को ड्रोन बेचते, उन्हें प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाते थे और बाद में अपने साथ जोड़कर काम भी दिलवाते थे। प्रशिक्षण के लिए ड्रोन की ट्रेनिंग देने वाली कंपनियों के साथ टाईअप किया। धीरे-धीरे ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव के बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे। इसी दौरान खुद ही ड्रोन बनाने का फैसला किया। इसके लिए वेंचर कैपिटल के माध्यम से करीब पौने 4 करोड़ रुपये जुटाए और हैदराबाद में यूनिट स्थापित की, जिसमें एग्री ड्रोन बना रहे हैं। विविन बताते हैं कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व तमिलनाडु के 187 ड्रोन मालिक हमसे जुड़े हैं। अभी केरल में चाय व काॅफी के बागानों में कीटनाशक का स्प्रे कर रहे हैं। हाल ही 10 हजार एकड़ में फैले रबड़ के बागों पर स्प्रे किया। अब तक करीब 62 ड्रोन बेच चुके हैं।
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