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Hisar News: सिस्टम पर दाग...सीवरेज-जीटी की सफाई में फर्जीवाड़ा, ब्लैकलिस्ट होंगे गुनहगार

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हिसार। नगर निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों में सीवरेज और गली ट्रैप (जीटी) की सफाई में हुए फर्जीवाड़े पर अब प्रशासनिक चाबुक चलने जा रहा है। निगम आयुक्त के निर्देश पर जनस्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की कड़े स्तर पर जांच कराएगा। इसके तहत करीब 25,000 जीटी की सफाई के कार्य का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा जिसमें पारदर्शिता के लिए मौके की जीपीएस लोकेशन वाले फोटो भी लिए जाएंगे। यदि जांच में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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समय पर नहीं हुआ काम

जनस्वास्थ्य विभाग का इरादा हर वार्ड के लिए अलग-अलग एजेंसी को काम सौंपने का था लेकिन सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर केवल दो ही एजेंसियों ने सभी 20 वार्डों का ठेका हथिया लिया। सीमित मैनपावर के कारण जून महीने में शुरू हुआ यह काम बेहद धीमी गति से चला। मानसून को देखते हुए जिसे 30 जून तक पूरा होना था वह 17 जुलाई तक भी अधूरा रहा। एजेंसियों ने काम पूरा दिखाए बिना ही पार्षदों और स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में इन हस्ताक्षरों वाले दस्तावेज में सफाई की गई जीटी की संख्या को फर्जी तरीके से बढ़ा दिया गया।

पार्षद ने खोला मोर्चा
वार्ड-3 की पार्षद ज्योति वर्मा ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बताया कि मैंने केवल 250 जीटी की सफाई की रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन एजेंसी ने संख्या बदलकर 450 कर दी। 14 जुलाई को नगर निगम में हुई बैठक में पार्षदों ने निगम आयुक्त तथा मेयर के समक्ष इस मामले को उठाया। जिस पर निगम आयुक्त ने भी माना कि सफाई काम अधूरा है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। निगम आयुक्त ने कहा कि एजेंसी की पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराओ।इस मामले की जांच कराई जाए।
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दिखावे की सफाई : ऊपर से हटाया कूड़ा, भीतर जमा रही गाद

शर्तों के मुताबिक एजेंसी को जीटी के ऊपर लगी जाली के साथ-साथ बरसाती नाले या सीवरेज लाइन को जोड़ने वाली अंदरूनी नाली की भी सफाई करनी थी लेकिन एजेंसी ने कई जगहों पर सिर्फ ऊपर से मिट्टी हटाकर खानापूर्ति कर दी। अंदर नाली में मिट्टी और गाद जमा रहने के कारण पहली ही मामूली बारिश में शहर की सड़कों पर कई घंटों तक जलभराव रहा।



फिक्स लोहे की जालियां बनीं नई मुसीबत

सफाई के आड़े एक तकनीकी समस्या कंक्रीट से फिक्स की गई लोहे की जालियां भी बनीं। निगम ने चोरी से बचाने के लिए कई स्थानों पर इन जालियों को कंक्रीट से जाम कर रखा है। एजेंसी ने इन्हें हटाने और दोबारा फिक्स करने की झंझट से बचने के लिए इनकी सफाई ही नहीं की। अगर इन्हें खुला छोड़ दिया जाए तो चोरों द्वारा जालियां गायब करने का डर बना रहता है।

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जीटी सफाई के काम से हमारा विभाग बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। कई पार्षदों की शिकायतें मिलने के बाद अब एजेंसी के पूरे काम की बारीकी से जांच कराई जाएगी। जांच में जीपीएस लोकेशन वाले फोटो का मिलान होगा और यह देखा जाएगा कि केवल ऊपर से सफाई हुई है या अंदरूनी नाली भी साफ की गई है। लापरवाही या धोखाधड़ी मिलने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। - जसबीर सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, हिसार
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