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जांच निष्पक्ष हो, अगर दोषी हों तो सजा जरूर मिले: अख्तर अंसारी

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51 - शनिवार देर रात सदर थाने के बाहर बैठे जासूसी के आरोपियों के परिजन। - फोटो : Hisar
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हमें कुछ नहीं चाहिए, बस जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। अगर मेहताब, रागिब और खालिद में से कोई भी दोषी पाया जाए तो उसे सख्त सजा दे देना। यह कहना है कि यूपी से हिसार पहुंचे मेहताब व रागिब के दोस्त अख्तर अंसारी का। ये जासूसी मामले में पकड़े गए आरोपियों के दोस्त हैं। इन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह शेरपुर वालों की ओर से आया है और मेहताब व रागिब का दोस्त है। वे दोनों वेल्डिंग का काम करते हैं। उनके घर पर आज सुबह खुफिया एजेंसी वाले भी गए थे, उन्होंने भी पूछताछ और जांच की थी। उसने कहा कि उन्होंने वैसे ही शौक में फोटो ले ली होगी, दोस्तों को दिखाने के लिए कि हम वहां गए थे, उनकी किसी प्रकार की जासूसी की कोई मंशा नहीं हो सकती।
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दूसरी ओर उनके साथ आए मेहताब के भाई शहजाद ने बताया कि वह यूपी में गाड़ी चलाता है। उसने कहा मेहताब 12-13 साल से वेल्डिंग का काम करता है और अकसर इसी काम से बाहर जाता है। करीब एक माह पहले वह लुधियाना में गया हुआ था। उसके बाद मुजफ्फरनगर में रेलवे फुट ओवरब्रिज का काम किया था, जिसके बाद सप्ताह भर पहले ही वह यहां ठेकेदार के बुलाने पर हिसार आया था। उसने कहा कि पाकिस्तान में हमारी बुआ रहती है। मेरी तो कभी बात नहीं हुई, लेकिन मेहताब की उनसे बात होती है।
तीनों युवकों का है आपस में रिश्ता
शहजाद ने बताया कि मेहताब, रागिब और खालिद का आपस में रिश्ता है। रागिब मेहताब का चाचा लगता है, जबकि खालिद उनके परिवार का भांजा भी है और दामाद भी है। इनके परिवार के सदस्य शनिवार दोपहर हिसार पहुंच गए थे। शेरपुर और मासाबी गांवों से करीब 15-16 लोग आए हुए हैं, जिनमें परिवार के सदस्यों के अलावा दोस्त भी हैं।
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