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दूसरे दिन भी परिजनों ने किया शव ले जाने से इनकार, आज बड़सी गांव में होगी 9 गांवों की पंचायत

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नागरिक अस्पताल में बवानीखेड़ा थाना पुलिस ने शुुुक्रवार देर शाम मृतक बिट्टू के शव का पोस्टमार्टम करवाया था, लेकिन परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी किए बिना शव ले जाने से इनकार कर दिया। शनिवार सुबह परिजनों की ओर से कुछ सदस्य मृतक बिट्टू को न्याय दिलाने के लिए भिवानी के एसपी से मिलने गए। वहां एसपी द्वारा मिले जवाब से भी परिजन हताश होकर लौटे। एसपी ने परिजनों को एक सप्ताह के अंदर मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिट्टू की मौत का जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन परिजन एसपी की बात से संतुष्ट नहीं हुए और शव ले जाने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव नहीं लेकर जाएंगे। इस कारण शव दूसरे दिन भी नागरिक अस्पताल की मॉर्चरी में ही रखा रहा।
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परिजनों का सहयोग देने के लिए गांव के काफी लोग और पंचायत खाप के कुछ सदस्य शनिवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे हुए थे। उन सभी ने मिलकर निर्णय लिया कि जब तक बिट्टू को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार के दिन बड़सी गांव में नौ खाप पंचायतों के सदस्य इकट्ठा होकर इस मामले पर निर्णय लेंगे। अगर तब भी न्याय नहीं मिलेगा तो फिर 84 गांव की खाप पंचायत इकट्ठा होकर आगे का फैसला लेगी। इस दौरान भिवानी के चेयरमैन रमेश ओला भी परिजनों को सांत्वना देने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचे।
खाप पंचायत और परिजनों के सहयोग देने पहुंचे ग्रामीणों द्वारा निर्णय लिया गया कि अगर बिट्टू को न्याय नहीं मिलेगा तो वह उन्हें गांव में सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा का बहिष्कार करेंगे। इसके अलावा गांव में बने सरकारी स्कूल में उनका कोई भी बच्चा पढ़ाई नहीं करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे न तो रोड जाम करेंगे और न ही कोई दंगा-फसाद, केवल शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे।
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टॉर्चर करने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों पर किया था केस दर्ज
एक गांव की लड़की के गायब होने का आरोप बड़सी गांव निवासी एक युवक पर लगा और पुलिस ने उस युवक के 21 वर्षीय भाई बिट्टू से पूछताछ की थी। पुलिस ने लगातार दो दिन तक युवक को थाने में बुलाया और शाम को छोड़ा। तीसरे दिन 31 जुलाई को पुलिस युवक को घर से ले गई और शाम को छोड़ा। इसी दिन बिट्टू ने घर आने के कुछ देर बाद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे परिजनों ने हिसार के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया, जहां शुक्रवार अल सुबह चार बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बवानीखेड़ा पुलिस ने हांसी के सदर थाना पुलिस के एसआई जगबीर सिंह, एएसआई राजबीर और हेड कांस्टेबल सीमा और दो अन्य के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत केस दर्ज कर लिया था।
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