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मैंने जो किताब मेें लिखा वो बेहद कम है : सोना चौधरी

Sun, 15 May 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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सोना चौधरी - फोटो : bureau
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महिलाओं का शोषण हर जगह हर विभाग में हो रहा है। खेल भी इससे अछूता नहीं है। मैंने अपनी किताब में सच्चाई बताकर कौन सा गुनाह कर दिया। जबकि मैंने किसी पर कोई आरोप भी नहीं लगाया है। लोग चुप रहते हैं। मैंने राज खोला है तो इसमें गलत क्या है। यह बात भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कैप्टन सोना चौधरी ने कही। वे यहां एक होटल में आयोजित यूथ डेवलपमेंट पर एक वर्कशाप में हिस्सा लेने आई थीं।
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सोना चौधरी द्वारा हाल ही में लिखी गई किताब गेम इन गेम में उन्होंने खेलों में होने वाले महिला उत्पीड़न को लेकर प्रशासकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने किताब में जो लिखा है वो बेहद कम है। फिल्मों और गानों में इससे ज्यादा हो रहा है। मैंने अपनी किताब में किसी को आरोपी नहीं ठहराया है। हमारे सारे कोच या सारे विभाग या फिर सारी दुनिया खराब नहीं है। लेकिन सिस्टम में खामियां हैं। इंसान की नजर का उपचार तो डॉक्टर कर देते हैं लेकिन उसके नजरिए का कोई इलाज नहीं है। सिस्टम को अपना नजरिया बदलना होगा।

स्पोर्ट्स अथोरिटी से किए सवाल
सोना चौधरी ने खेल प्राधिकरण से महिलाओं के प्रति हो रहे व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। कहा कि हम महिलाओं को हर जगह और हमेशा दोयम दर्जा मिलता है। चाहे हम कितना भी कुछ कर लें। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अथॉरिटी में विभिन्न पदों पर तैनात पुरुषों को महिलाओं से व्यवहार करने की कोई ट्रेनिंग दी जानी जरूरी नहीं है।
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सिस्टम ठीक करना है, खेल मंत्री से मिलूंगी
हिंदुस्तान मौका दे तो मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। लेेकिन मेरी राजनीति में आने और कोच बनने की कोई इच्छा नहीं है। लेकिन मुझे सिस्टम बदलना है। मैं तब तक लड़ूंगी, जब तक यह सिस्टम ठीक नहीं हो जाता। इसके लिए मैं जल्द ही खेल मंत्री से भी मिलकर बात करूंगी।

चरित्र पर सवाल उठाकर दबा दिया जाता है
सोना चौधरी ने कहा कि महिलाएं कुछ भी अच्छा करती हैं तो उन पर अलग अलग तरह के सवाल उठाकर उन्हें दबा दिया जाता है। मेरी पैदाइश से लेकर मेेरी शिक्षा, मेरे खेल तक पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अगर औरत कुछ भी अच्छा करती है तो उसके चरित्र पर सवाल उठाकर उसे दबा दिया जाता है। हमें ऐसे सिस्टम को सुधारना होगा।
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