स्थानीय निकाय ने नगर निगम को निर्देश जारी किए गए हैं कि शहर में कुछ स्थानों पर नॉन मोटर व्हीकल तथा साइकिल के लिए अलग से रोड चिह्नित किए जाएं। साथ ही स्पीड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए। जिससे वाहनों की स्पीड कंट्रोल की जाए। इसके लिए मानक तय कर उसे सही ढंग से लागू कराए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानीय निकाय के निर्देशानुसार निगम को ऐसे स्थान चिह्नित करने होंगे जहां पर पैदल यात्री रोड क्रॉस करते हों। ऐसे स्थानों पर सही तरीके से मार्किंग की जाएगी। वाहन चालकों को अलर्ट करने के लिए यहां सांकेतिक लगाए जाएंगे। स्टेट हाइवे पर वाहनों की स्पीड तय की जाएगी। इसके लिए डिस्पले बोर्ड के जरिए वाहन चालकों को जानकारी मिलेगी। इस निर्देश के बाद निगम रोड सेफ्टी के मुद्दे को लेकर दस बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।
मुख्यालय ने यह पूछी जानकारी
प्रदेश भर के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषदों से यह रिपोर्ट लेकर इसे मुख्यालय पर संकलित किया जाएगा। इसके बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यालय ने पूछा है कि स्टेट हाइवे, नेशनल हाइवे तथा अन्य शेड्यूल रोड पर इंडियन रोड कांग्रेस के अनुसार कितनी मार्किंग है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्या डेडलाइन तय की है। रोड सेफ़टी ऑडिट को कितने स्टेट हाइवे पर पूरा किया। स्टेट हाइवे पर सबसे अधिक हादसों वाले ब्लैक स्पोर्ट को हटाने के लिए क्या काम किया जा रहा है। हाइवे को सुरक्षित बनाने के लिए क्या काम किए गए। हाइवे पर कहां कहां पर लाइट की व्यवस्था की गई। रोड पर खतरनाक बिंदुओं को दूर करने के लिए क्या काम हुआ। सड़कों के साथ बने फुटपाथ पर कब्जा न होने दें।
मांगी सुधार की प्रोग्रेस रिपोर्ट...
स्थानीय निकाय ने हरियाणा के शहरों की सड़कों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर करना है। इस बारे में 4 नवंबर को बैठक की गई थी। स्थानीय निकाय ने सड़कों को सुरक्षित बनाने के बारे लिए गए फैसलों के बारे में 26 नवंबर तक प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी है।
सांसद ने कहा था
सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी नगर निगम के अधिकारियों को लेटर लिखकर शहर में नान मोटर व्हीकल साइकिल ट्रैक बनाने के लिए कहा था। जिस पर निगम की ओर से अब तक कुछ नहीं किया गया। इसको लेकर सांसद ने नाराजगी भी जाहिर की थी।
वर्जन
मुख्यालय की ओर से रोड सेफ्टी तथा सिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, नगर निगम आयुक्त हिसार।