भाजपा मंडल अध्यक्षों के चुनाव में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। भाजपा के संगठन चुनावों में चुनाव के तरीके को लेकर कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए सवाल खड़े किए हैं।
मंडल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर मंगलवार को आयोजित बैठक में करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। आखिर में जिस को लेकर विवाद था उसी को मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आजाद नगर मंडल के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बुलाई गई बैठक में भी हंगामा हुआ।
जब एक पदाधिकारी ने सुनील दुग्गल का नाम रखा तो कुछ पदाधिकारियों ने दूसरा नाम रख दिया। इस पर पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि संगठन की ओर से मंडल अध्यक्षों के नाम आए हैं।
जिस पर कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्षों के चयन के तरीके पर सवाल उठाए। विरोध जताने वालों ने कहा कि एक खास पदाधिकारी की ओर से ऊपर से आई लिस्ट बताकर मंडल अध्यक्षों के नाम पर जबरदस्ती की सहमति बनवाने का काम किया जा रहा है।
साथ ही सवाल उठाया कि संगठन के अंदर ही लोकतंत्र नहीं रहेगा तो बाहर किस तरह से उदाहरण रखेंगे। करीब दो घंटे तक बहसबाजी होती रही।
अंत में चुनाव प्रभारी सुरेंद्र पूनियां व जिला महामंत्री सुजीत कुमार ने सुनील दुग्गल को अध्यक्ष घोषित कर दिया। इससे पहले सोमवार को सिटी मंडल अध्यक्ष नरेश सिंगल के चुनाव को लेकर भी हंगामा हुआ था। इसके बावजूद उन्हें अध्यक्ष बनाया गया।
यह उठाया गया सवाल
सवाल उठाया गया कि एक कॉलोनी में गेस्ट लेक्चरर की नौकरी करने वाला क्या पार्टी के संगठन में पद ले सकता है। राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए संबंधित कॉलेज से इसके लिए अनुमति हासिल की गई है या नहीं।
22 में से 12 मंडल अध्यक्ष चुने गए
आजादनगर मंडल में विरोध के बावजूद सुनील दुग्गल को मंडल अध्यक्ष चुन लिया गया। नरेश सोनी को आर्य नगर मंडल अध्यक्ष चुना गया। सोरखी मंडल में जोगेंद्र महेंदा, उमरा मंडल में राजकुमार, हांसी मंडल में प्रवीण बंसल चुने गए।
इससे पहले सोमवार को 8 मंडल अध्यक्ष चुन लिए गए थे। कुल 22 मंडल अध्यक्षों में से 12 मंडल अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। बुधवार को बाकी मंडल अध्यक्षों के चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद मंडल अध्यक्षों की सहमति से जिला अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
सभी कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। किसी तरह का विवाद नहीं था। चुनाव के समय थोड़ा बहुत विरोध होता है। सर्वसम्मति से सभी मंडल अध्यक्ष चुने गए हैं।
- सुजीत कुमार, जिला महामंत्री, भाजपा हिसार
मंडल अध्यक्ष चुनाव को लेकर वहीं से नाम लिए जाते हैं। आज भी ऐसा ही किया गया। शुरू में कुछ विरोध था बाद में सहमति जाहिर कर दी गई थी। कांट्रेक्ट पर नौकरी करने वाले के संगठन में शामिल होने पर कोई दिक्कत नहीं है।
- सुरेंद्र पूनिया, जिला महामंत्री, भाजपा हिसार