एसपी राजेंद्र कुुमार मीणा ने डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लेते हुए सीआईए वन में तैनात रहे चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इतना ही नहीं उनकी विभागीय जांच करने का आदेश देते हुए एएसपी राजेश कुमार को जांच सौंपी है।
एसपी ने सीआईए से लाइन हाजिर किए गए हेडकांस्टेबल शमशेर सिंह, वीरेंद्र व विजय सिंह और कांस्टेबल अजय कुमार को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी राजेश कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। डीएसपी जयपाल सिंह ने सोमवार और मंगलवार को शिकायतकर्ता, कार चालक और सीआईए में तैनात रहे चार मुलाजिमों के बयान दर्ज किए थे। शिकायतकर्ता, उसकी पत्नी और दो गवाहों ने जहां रुपये लूटने की बात कही। वहीं चारों मुलाजिमों ने आरोपों को नकारा था। जांच में मामला 11 लाख रुपये छीनने का न होकर सात लाख छीनने का मिला था। डीएसपी ने जांच रिपोर्ट तैयार कर बंद लिफाफे में भेज दी थी। एसपी ने रिपोर्ट मिलने पर बुधवार को अपने आदेश जारी कर दिए।
यह है मामला
राजथल गांव का दिलबाग उर्फ बागी 27 फरवरी को परिवार की महिलाओं के साथ कार किराये पर करके गुरुग्राम जा रहा था। बागी का आरोप है कि नारनौंद के कार चालक मंदीप ने फोन कर सीआईए मुलाजिमों को यह सूचना दे दी थी कि एक शख्स नोटों से भरा बैग लेकर जा रहा है। आरोप है कि सीआईए वन के मुलाजिम टोल प्लाजा से खिसककर नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी में महम के पास गांव बलंभा में पहुंच गए थे। उन्होंने डरा धमकाकर बागी को गाड़ी में डाल लिया था और पैसे छीनकर उसे मिर्जापुर में छोड़ दिया था। बागी ने महम थाना में मंदीप व अन्य के खिलाफ शिकायत दी तो मामला सामने आया था। महम थाना में समझौता करा दिया गया था। मामला मीडिया में सुर्खियां बनने पर महम थाना पुलिस ने मंगलवार को कार चालक मंदीप और चार अन्य के खिलाफ लूट का केस दर्ज किया था। पुलिस विभाग ने यहां से चारों मुुलाजिमों का तबादला भोंडसी कर दिया था।
डीएसपी द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट हमें मिल गई है। रिपोर्ट के आधार पर सीआईए-वन में रहे चारों मुुलाजिमों को सस्पेंड कर उनकी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी इसकी जांच करेंगे। भविष्य में किसी मुलाजिम ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ भी ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजेंद्र कुमार मीणा, एसपी हिसार