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Hisar News: एसपी ने किया अलर्ट, डीप फेक से रहें सावधान

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हांसी। सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो, फोटो और ऑडियो को सच मानना भारी पड़ सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से असली जैसी दिखने वाली नकली तस्वीरें, वीडियो और आवाज तैयार की जा सकती हैं जिन्हें डीपफेक कहा जाता है।
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पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने आमजन से संदिग्ध डिजिटल सामग्री पर बिना सत्यापन विश्वास या उसे शेयर न करने की अपील की है। एसपी ने कहा कि तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज की नकल कर ऐसी सामग्री तैयार की जा सकती है, जिसे पहली नजर में पहचानना मुश्किल होता है। इसका इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने, झूठी जानकारी फैलाने, छवि खराब करने और साइबर ठगी के लिए किया जा सकता है।
संदिग्ध वीडियो, फोटो या ऑडियो पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता जांचें। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति, संस्था या घटना से जुड़ी जानकारी की पुष्टि विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से करें। केवल वायरल होना किसी सूचना के सच होने का प्रमाण नहीं है। बिना सत्यापन सामग्री साझा करने से गलत सूचना फैल सकती है।
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एसपी ने कहा कि यदि किसी परिचित की आवाज या वीडियो के जरिए पैसे भेजने, बैंक संबंधी जानकारी देने या किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए तो तुरंत विश्वास न करें। संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से संपर्क कर पहले पुष्टि करें।
भ्रामक, धोखाधड़ीपूर्ण या नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री की उचित माध्यम से रिपोर्ट करें। साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा है। वायरल है तो जरूरी नहीं कि सच भी हो। रुकें, जांचें और फिर विश्वास करें।
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