राजगुरु मार्केट सहित बाजारों में अतिक्रमण को लेकर करवाई जा रही मुनादी को सोशल साइट पर ड्रामा बताया जा रहा है। आम जनता ने कमेंट्स करने शुरू कर दिए हैं कि निगम हर बार की तरह केवल ड्रामेबाजी करके ही वापस चला जाएगा। बाजारों से अतिक्रमण हटाना निगम की बस की बात नहीं। उधर, नगर निगम कमिश्नर ने साफ और सख्त लहजे में कहा कि बाजारों से अतिक्रमण का हर हाल में सफाया होगा। बरामदे भी खाली होंगे। ये जरूर हो सकता है कि सोमवार को अतिक्रमण न हटे, क्योंकि निगम पूरी प्लानिंग के साथ अतिक्रमण हटवाएगा। एक से दो दिन में जनता के सामने तस्वीर भी साफ हो जाएगी। अतिक्रमण का जो चैप्टर है, उसेे हटवाकर ही इसे क्लोज करवाने की बात कही है।
सीएम विंडों का देना है जवाब, इसलिए ड्रामेबाजी
जागो इंडिया जागो संस्था के प्रधान जितेंद्र ने सोशल साइट पर कमेंट किया है कि नगर निगम प्रशासन केवल सीएम विंडो का जवाब देने के लिए यह ड्रामेबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जागो इंडिया जागो की तरफ से सीएम विंडो पर दो शिकायतें लगाई हुई हैं। सीएम विंडो पर निगम अधिकारी बार-बार झूठे जवाब बनाकर भेज देते हैं और सीएम और सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। जितेंद्र ने कहा कि इन्हीं शिकायतों को बार-बार वे रि-ओपन करवा रहे हैं। अब इनको जवाब देने के लिए आखिर में ये ड्रामा करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण करवा किराया लेने पर तो हो सकती है रिकवरी
जितेंद्र ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अतिक्रमण बढ़ाकर किसी दूसरे से उस स्थान का किराया वसूल करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और रिकवरी की जा सकती है। यह सब कानून के तहत वसूल किया जा सकता है।
हर बार किए झूठे जवाब पेश
सीएम विंडो में शिकायत करने वाले जितेंद्र का कहना है कि हर बार निगम के अधिकारी झूठे जवाब पेश करते हैं। अभी करीब छह महीने पहले दिवाली पर निगम ने अतिक्रमण हटाने का एक-दो दिन काम किया। उसके बाद स्थिति वैसे ही हो गई। सीएम विंडो में शिकायत के बाद जुलाई में न्यूजपेपर में लगा फोटो जवाब में भेज दिया गया कि निगम अतिक्रमण हटाने काम लगातार कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।
कर्मचारियों की मिलीभगत होती है। जब टीम जाती है या आती है तो ये ही सूचना दुकानदारों को दे देते हैं। मैंने पहले रणनीति बनाकर इन कर्मचारियों का सूचना तंत्र फेल किया। बिना बताए अचानक राउंड करता था। अतिक्रमण हटाकर आते समय बीच रास्ते से वापस चला जाता हूं। कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगने देता था पूरा काम अचानक होता। सभी के साथ एक समान पेश आता था, अगर मेरा रिश्तेदार भी होता तो उसका चालान कटवा देता था। जब तक कर्मचारियों की मिलीभगत ब्रेक नहीं होगी, तब तक कामयाबी मिलना मुश्किल है।
- अरविंद खरींटा पूर्व प्रधान नगर परिषद
अतिक्रमण हर हाल में हटेगा। समय तय नहीं, सोमवार को कार्रवाई हो मगर एक-दो दिन में अतिक्रमण का बाजारों से हर हाल में सफाया करने का अभियान चलेगा।
- अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम