विदेश भेजने से पहले कुत्तों के साथ सोनू बिश्नोई।
गांव चबरवाल के छोरे को कुत्ते पालने का शौक था और इसी शौक ने उसके गांव के नाम को सुर्खियों में लाकर रख दिया। बात कर रहे है आदमपुर खंड के गांव चबरवाल निवासी सोनू लाटीवाल की। युवक सोनू बिश्नोई को बचपन से ही कुत्ते पालने का शौक रहा है। इसी शौक के चलते सोनू अपने कुत्तों के साथ फोटो सोशल मीडिया में डालने लगा। बस फेसबुक पर देखते ही देखते उसके फोटो को लाइक और शेयर मिलने लगे। सोनू ने बताया कि उसके पास एक दिन अमेरिका से फोन आया कि उन्हें आपका कुत्ता पसंद है जिसे वे खरीदना चाहते है। सोनू ने बताया कि यह उसके लिए बेहद उत्साहित करने वाली बात थी जिस पर अपने कुत्ते को बेचने की बजाए ‘गिफ्ट’ देने की बात पर सहमत हो गया। इसके बाद अमेरिका से उसके पास हवाईजहाज के टिकट आ गए और इन्हें कैलिफोर्निया भेज दिया। जिसके उपरांत उसने अपने अन्य डॉगी की फोटो को भी फेसबुक पर अपलोड की। सोनू ने बताया कि इसके बाद डिमांड भी आने लगी है। अब कुछ दिन पहले उसने फिर से अपने दो कुत्तों को अमेरिका के शहर कोलोरिडा में भेजा है। ग्रामीण इलाके के छोरे के इस शौक ने विदेश में गांव का नाम रोशन किया है।
बात करते-करते अमेरिकी बोलने लगे हिंदी
सोनू ने बताया कि उसने 12वीं तक ही पढ़ाई-लिखाई की। जब पहली बार करीब 3 साल पहले अमेरिका से फोन आया तो उसने जैसे-तैसे अंग्रेजी में बात की। इसके बाद वह अमेरिकी एरेन इवेंस के साथ हिंदी में बातचीत करने लगा तो विदेशी भी अंग्रेजी भाषा में कम और मातृभाषा हिंदी में ज्यादा बात करने लगे। अब हर माह इवेंस इन कुत्तों की विडियो बनाकर उसके पास भेज देता है ताकि उसको भी तस्सली रहे। सोनू के मुताबिक इन अमेरिकियों का मानना है कि विदेशी नस्ल की बजाए भारतीय नस्ल के कुत्ते बेहतर होते है।