वायु प्रदूषण का कहर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को आंशिक बादल छाने और तापमान में कमी के कारण धुआं और धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाए और वातावरण में धुएं का स्तर बढ़ने से खतरनाक स्थिति बन गई। धुएं के कारण शुक्रवार को हिसार देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर भी बन गया। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक 465 दर्ज किया गया। अधिक प्रदूषण के मामले में दूसरे नंबर पर रहे हिसार का वायु गुणवत्ता सुचकांक शाम 6 बजे 432 (औसत 429) दर्ज किया गया था। प्रदूषण के कारण शुक्रवार को हालात इतने खराब हो गए कि सांस के मरीजों को घरों में ही दुबकना पड़ा। लोगों आंखों में जलन हुई।
आसपास के जिलों में अधिक जल रही पराली -
शुक्रवार को जिले में पराली जलाने पर 2 लोगों के चालान किए गए। अब तक जिले में पराली जलाने पर 56 चालान किए जा चुके हैं, लेकिन आस-पास के सिरसा और फतेहाबाद जिलों में पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हिसार सहित इन तीनों जिलों में पछेती बिजाई होने के कारण अब पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। प्रदूषण को बढ़ाने में पराली जलने की भूमिका अहम है।
दिन का तापमान 31 और रात्रि तापमान 11 डिग्री पर
दूसरी तरफ, शुक्रवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य रहा। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान मामूली गिरावट के साथ 11 डिग्री सेल्सियस रहा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ के अनुसार, प्रदेश में 4 नवंबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में हल्की उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है।
पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 500 पार
शुक्रवार को प्रदूषण के मुख्य तत्व पीएम 2.5 और पीएम 10 सबसे खतरनाक स्तर 500 पर पहुंच गए। पीएम 2.5 न्यूनतम 350, औसतन 432 और अधिकतम 500 रहा। वहीं पीएम 10 का स्तर न्यूनतम 234, औसतन 367 और अधिकतम 500 दर्ज किया गया। बता दें कि पीएम 2.5 की श्रेणी में कण इतने छोटे होते हैं कि उन्हें केवल इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की मदद से ही पता लगाया जा सकता है। यह सांस के साथ आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। पीएम 10 वो कण हैं जिनका व्यास 10 माइक्रोमीटर होता है। दोनों ही तत्व खतरनाक होते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
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2020 में अब तक एक्यूआई
24 अक्तूबर - 328
25 अक्तूबर - 336
26 अक्तूबर - 344
27 अक्तूबर - 291
28 अक्तूबर - 315
29 अक्तूबर - 392
30 अक्तूबर - 429
वातावरण लगातार खराब हो रहा है। इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। यह धुआं सांस के मरीजों के साथ-साथ स्वस्थ लोगों को भी नुकसान पहुंचाएगा। ऐसे में लोग घरों से बाहर कम से कम निकलें। सैर के लिए जाना कुछ दिन के लिए बंद कर दें। बाहर निकलना भी पड़े तो मुंह पर मास्क या कपड़ा जरूर रखें। बुजुर्गों और बच्चों के साथ ही सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
- डॉ. अजय चुघ, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल हिसार।