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सो रहे अधिकारी, सांड का फिर जानलेवा हमला

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 शहर में लावारिस पशुओं का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ढाणी श्यामलाल में रहने वाले 22 वर्षीय युवक संदीप पर नई सब्जी मंडी गेट के ठीक सामने रविवार रात सांड ने हमला कर दिया। सांड ने संदीप को करीब सात फुट ऊंचे से उछालकर जमीन पर पटक दिया। मौके से गुजर रहे लोगों ने संदीप पर हमला कर रहे सांड को देखा तो उन्होंने और लोगों को मदद के लिए आवाज लगाई।
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 एकत्रित लोगों ने सांड को वहां से भगाया। बाद में संदीप के परिजनों को सूचना दी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने संदीप की हालत नाजुक बताई है। संदीप का आधा शरीर सुन्न हो गया है और उसके दोनों पांवों ने काम करना बंद कर दिया है। इससे पहले लावारिस पशुओं की वजह से पांच जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पशुओं को पकड़ने का अभियान बेहद लचर और धीमी गति से चल रहा है।

संदीप लाहौरिया चौक स्थित एक सेनेटरी की शॉप पर काम करता है। घायल के भाई सतबीर ने बताया कि वह रविवार को रात आठ बजे पैदल अपने घर की तरफ आ रहा था। घर से थोड़ी दूर पहले ही ठीक नई सब्जी मंडी के पहले गेट के सामने एक सांड ने पीछे से आकर हमला बोल दिया। सांड ने संदीप को सींगों पर उठा लिया और करीब सात-आठ फुट ऊपर उछालकर जमीन पर पटक दिया।
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 संदीप को सिर व गर्दन पर गुम चोटें आई हैं। घायल संदीप अचानक हुए हादसे से घबरा गया और मौके पर बेहोश हो गया। मोहल्ले वालों ने संदीप के भाई को सूचना दी। उन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। सेतिया अस्पताल से संदीप को देर शाम जिंदल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती है।
 
गुस्साए मोहल्लेवासियों ने खुद काबू किया
मामले की सूचना सोमवार सुबह तक पूरे मोहल्ले में पहुंच गई। गुस्साए मोहल्लेवासियों ने अकसर आने जाने वालों पर हमला बोलने वाले दो सांडों को घेरकर काबू कर लिया। इसके बाद उन्होंने निगम की टीम को फोन किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों सांडों को गाड़ी में चढ़ाया और शहर से बाहर छोड़ दिया। मोहल्लेवासियों ने निगम की ढीली कार्रवाई के चलते रोष प्रकट किया है।
 
भाई बोला, संदीप ही कमाने वाला
घायल के भाई सतबीर ने बताया है कि वे तीन भाई हैं। वह खुद परिवार से पत्नी के साथ अलग रहता है। मां व छोटे भाई का खर्च संदीप मेहनत कर उठा रहा है। पिता की पहले ही हार्ट अटैक के कारण मौत हो चुकी है। पूरा परिवार सहमा हुआ है। उसका कहना है कि भाई ही कमाने वाला है और उसके पांव काम नहीं कर रहे। डॉक्टरों ने उसकी एमआरआई करवाई है। गर्दन की हड्डी तो नहीं टूटी है लेकिन नसें ब्लॉक होने की बात कही जा रही है। हालांकि इसके बारे में डॉक्टरों की टीम मंगलवार को बताएगी।

वर्जन
यहां से परिवार वाले संदीप को लेकर चले गए हैं। संदीप की गर्दन व कंधे पर गुम चोटें हैं। गर्दन से नीचे के शरीर का हिस्सा काम नहीं कर रहा। पांव तो बिल्कुल ही काम नहीं कर रहे। खुद छुट्टी लेकर गए हैं मरीज की हालात गंभीर है।
- डॉ. विनित, सेतिया अस्पताल

लावारिस पशु ले चुके हैं पांच जान
शहर में घूम रहे ये लावारिस पशु निगम के लिए चुनौती बने हुए हैं। निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने का अभियान भी एक अगस्त से चलाया जा रहा है, लेकिन शहर में उतने ही पशु दिखाई देते हैं। मई महीने से अब तक बेसहारा पशु पांच लोगों की मौत का कारण बन चुके हैं और दर्जन भर लोगों को घायल कर चुके हैं।

- 9 मई को सड़क पर लड़ रहे सांडों के कारण महाबीर कॉलोनी निवासी साइकिल सवार की मौत
- 28 जून को रायपुर गांव निवासी बाइक सवार सत्यवान की लावारिस पशुओं की टक्कर के कारण मौत
- 26 जून को सूर्य नगर के बुजुर्ग देशराज के पेट में सींग घोंपा, तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई
- 17 जुलाई को गैबीपुर गांव के पास बाइक के आगे आए सांड, चालक बलबीर की मौत हो गई
- 9 अगस्त को रामपुरा मोहल्ले में सांड ने बुजुर्ग कौशल्या पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई थी


वर्जन
शहर में लावारिस पशुओं की गंभीर समस्या है। आए दिन किसी ने किसी को पशु घायल कर रहे हैं। जल्द ही निगम अधिकारियों की एक बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में तुरंत प्रभाव से एक्शन लेने की रणनीति बनाई जाएगी।
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- अरविंद बिश्नोई, ईओ, नगर निगम, हिसार
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