रेलवे की तरफ से गोगा मेड़ी मेले के लिए चलाई गई विशेष ट्रेन एक दिन चलकर
ही बंद हो गई, जबकि इस ट्रेन को छह दिनों तक चलाए जाने की योजना थी। हैरानी
की बात यह है कि पहले ही दिन ट्रेन में एक भी यात्री ने सफर नहीं किया।
उधर, खुद रेलवे भी इस बात से हैरान है कि आखिर इस ट्रेन को श्रद्धालुओं का
रिस्पांस क्यों नहीं मिला। माना यह जा रहा है कि ज्यादा किराया होने के
चलते श्रद्धालुओं ने इस ट्रेन को नकार दिया।
दोगुने से ज्यादा था किराया
इस ट्रेन का किराया पैसेंजर ट्रेन के दोगुने से भी ज्यादा था। जहां पैसेंजर ट्रेन में हिसार से सादुलपुर का किराया 20 रुपये है, वहीं इस ट्रेन में किराया 45 रुपये रखा गया था। इसमें आठ के लगभग बोगियां थीं। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन चलाई गई थी। साथ ही इस ट्रेन का सीधा स्टॉपेज सादुलपुर ही था। हालांकि रेलवे के अधिकारी ज्यादा किराये को इसकी वजह नहीं मान रहे हैं।
अधिकारियों से मांगा जवाब
उधर, ट्रेन में एक भी यात्री सवार न होने के बावजूद ट्रेन को चलाने पर विभाग ने अधिकारियों सेे जवाब-तलब किया है। विभाग ने अधिकारियों से इस बात का स्पष्टीकरण मांगा है कि जब ट्रेन में एक भी यात्री सवार नहीं था तो भी ट्रेन क्यों चलाई गई।
यह थी योजना
रेलवे ने लुधियाना-हिसार पैसेंजर ट्रेन का विस्तार सादुलपुर तक किया था। उल्लेखनीय है कि लुधियाना-हिसार पैसेंजर ट्रेन सुबह 11:15 बजे हिसार स्टेशन पर पहुंचती है। यहीं से यह ट्रेन सादुलपुर तक चलाई जानी थी। हिसार स्टेशन से दोपहर 12:00 बजे चलकर दोपहर 01:40 बजे सादुलपुर पहुंचना था। वापसी में यह ट्रेन सादुलपुर से दोपहर 02:30 बजे चलकर हिसार स्टेशन दोपहर 03:55 बजे पहुंचती। इसके बाद यह ट्रेन हिसार स्टेशन से अपने निर्धारित समय शाम 05:45 बजे लुधियाना के लिए चलनी थी।
वर्जन
ट्रेन को यात्रियों का रिस्पांस न मिलने से यह ट्रेन सेवा बंद की गई है। अब ट्रेन में यात्रियों ने सफर क्यों नहीं किया, इसका कारण हम क्या बताएं। वैसे ज्यादा किराया इसकी वजह नहीं हो सकता।
मुकेश श्रीवास्तव, एआरओ, रेलवे