हांसी। गांव सिसाय में कंडम हो चुके भवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चलाया जा रहा है। भवन के नवनिर्माण के लिए प्रपोजल मुख्यालय में अटका हुआ है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सात चिकित्सकों के पद पर मात्र तीन चिकित्सक नियुक्त हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन करीब 35 वर्ष पुराना है। इसे लोकनिर्माण विभाग द्वारा दो वर्ष पहले कंडम घोषित किया गया था। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चलाने के लिए अन्य कोई परिसर विभाग के पास नहीं है। ऐसे में कंडम भवन में ही यह केंद्र चल रहा है। दरअसल यह भवन पीएचसी का है। करीब 20 वर्ष पहले यहां पीएचसी को अपग्रेड करके सीएचसी बनाया गया था। लेकिन भवन को अपग्रेड नहीं किया गया। ऐसे में पीएचसी के भवन में ही सीएचसी चल रहा है। नया भवन बनाने के लिए लोकनिर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय को भेजा हुआ है। लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। भवन कंडम होने के चलते मरीज भी यहां उपचार करवाने के दौरान डरे रहते हैं। पता नहीं कब यह भवन गिर जाए। घोषणा के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड होने चाहिए लेकिन यहां अभी केवल 10 बेड ही हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 70 से 80 मरीज आते हैं। डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों में ओपीडी 100 के करीब पहुंच जाती है।
स्वास्थ्य केंद्र में इतना है स्टाफ
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के सात व एसएमओ का एक पद है। जिसमें से यहां पर तीन चिकित्सक तैनात हैं। वहीं एसएमओ का पद खाली है। डॉक्टर मीनू को एसएमओ का एडिशनल चार्ज दिया हुआ है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग ऑफिसर के 8 पद हैं जिसमें से तीन खाली हैं। दो नियमित नर्सिंग ऑफिसर हैं। तीन नर्सिंग ऑफिसर नेशनल हेल्थ मिशन के तहत भर्ती की हुई हैं। वहीं फार्मासिस्ट के दो पद में से एक खाली है। स्वास्थ्य केंद्र में लैब की सुविधा है। जहां सामान्य रक्त जांच होती है। लेकिन एक्सरे आदि की सुविधा नहीं है।
स्वास्थ्य केंद्र का भवन कंडम हो चुका है। नए भवन के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। यहां चिकित्सकों के चार पद खाली हैं। - डॉ. मीनू, एसएमओ, सीएचसी सिसाय।