प्रदेश सरकार के फैसले को लागू करवाने के लिए जारी गई जिला प्रशासन की लेफ्ट-राइट की एडवाइजरी के पहले दिन ही दुकानदार विरोध में उतर गए। शुक्रवार को बाईं तरफ की दुकानें खोली जानी थीं, लेकिन उन्होंने सारे बाजार खोल दिए। सुबह नौ से दोपहर करीब 12 बजे तक तीन घंटे यह मामला गर्माया रहा। पूरे समय बाजार में भारी पुलिस बल मौजूद रहा। बाद में सभी बाजारों की एसोसिएशन ने पंजाबी धर्मशाला में बैठक कर सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान बता सभी दुकानें खोलने के निर्देश दिए। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने ज्यादती की तो हिसार बंद कर दुकानदार रोड पर बैठ जाएंगे।
लड़कों को तनख्वाह कहां से देंगे, 15 दिन में क्या कमाएंगे
व्यापारियों का कहना था कि लेफ्ट-राइट सिस्टम से पूरे महीने में दुकानदार सिर्फ 15 दिन ही अपनी दुकानें खोल पाएंगे। ऐसे में पहले से ही कम ग्राहक आ रहे हैं। फिर मात्र 15 दिनों में क्या कमाई कर पाएंगे। दुकान पर काम करने वाले लड़कों को तनख्वाह कहां से देंगे। प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को कोई सहूलियत नहीं दी है। न बिजली बिल माफ हुए, न दुकानों का किराया। खर्चे तो सारे ज्यों के त्यों हैं। इसलिए यह फैसला किसी भी सूरत में व्यापारियों व दुकानदारों के हित में नहीं है।
मेयर व विधायक का नाम लेने पर आपस में भिड़े व्यापारी
राजगुरु मार्केट में जिस समय यह सारा घटनाक्रम चल रहा था, उसी समय कुछ लोगों ने मेयर व विधायक का नाम लेकर उनके मौके पर नहीं आने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसी बात पर कुछ पदाधिकारी भड़क गए। उन्होंने किसी का नाम लेकर राजनीति नहीं करने की नसीहत दी। एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र बजाज और पूर्व प्रधान महेश चौधरी ने भी इस पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हित की बात होनी चाहिए। कोई राजनीति करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। काफी देर इसी बात पर हंगामा चलता रहा।
नेतागिरी के चक्कर में सामाजिक दूरी को भूले नेता
व्यापारियों के इस मुद्दे को भुनाने के लिए कई पार्टियों के नेता भी राजगुरु मार्केट पहुंच गए। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी बजरंग दास गर्ग, कांग्रेसी नेता रामनिवास राड़ा, जजपा से अमित ग्रोवर व अन्य कुछ छुटभैये नेता भी आ गए। इसके बाद सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ने लगीं। इन नेताओं ने झुंड बनाकर मार्केट का दौरा भी किया। जहां भी ये लोग खड़े हुए, वहां सामाजिक दूरी का कोई पालन नहीं किया गया। हालांकि, मौके पर पहुंचे कुछ कर्मचारी उनसे दूर-दूर होने का आग्रह भी करते रहे, लेकिन नेताओं की कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। पूरी तरह नेतागिरी झाड़ने के बाद ही ये नेता बाजार से वापस गए।
बैठक में 19 एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
पंजाबी धर्मशाला में हुई बैठक में राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन, लक्ष्मी मार्केट तेलियान पुल, बिश्नोई मंदिर मार्केट, इंदिरा मार्केट, गुरु जंभेश्वर मार्केट, रेलवे रोड पारिजात चौक मार्केट, गांधी बूथ बाजार एसोसिएशन, नागौरी गेट मार्केट एसोसिएशन, पूजा मार्केट, आर्य बाजार, चौधरी मार्केट, डोगरान मोहल्ला बाजार, एमसी कॉलोनी मार्केट, सुभाष मार्केट, न्यू राजगुरु मार्केट, सनातन धर्म मंदिर मार्केट, आर्य समाज मंदिर मार्केट व पड़ाव बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारियों का गुस्सा देखकर नहीं पहुंचा निगम का कोई अधिकारी
मामले को सुलझाने व्यापारियों के गुस्से के कारण निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी राजगुरु मार्केट नहीं पहुंचा। हालांकि, एक एक्सईएन ने अपनी निजी गाड़ी में एक बार मार्केट का जरूर दौरा किया। बाजारों की रिपोर्ट एक्सईएन ने निगम कमिश्नर अशोक गर्ग को दी। मगर इसके बाद निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन
प्रदेश सरकार द्वारा लेफ्ट व राइट बाजार खुलने का नियम उचित नहीं है। इस फैसले से व्यापारियों में भारी रोष है। प्रदेश में पहले ही कोरोना महामारी से व्यापार बुरी तरह से पिछड़ा हुआ है और व्यापारी काफी नुकसान में है। बाजारों को लेफ्ट-राइट करने र्म व्यापारियों को और नुकसान उठाना पड़ेगा।
- बजरंग दास गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष, प्रदेश व्यापार मंडल
प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन का यह तुगलकी फरमान है। व्यापारी सभी एकजुट हैं और हमने पूरे बाजार खोलने का निर्णय लिया है। प्रशासन ज्यादती करेगा तो पूरे बाजार बंद करके व्यापारी रोड पर बैठ जाएंगे।
- राजेंद्र चुटानी, प्रधान, बिश्नोई मंदिर मार्केट
सभी बाजारों की एसोसिएशन की पंजाबी धर्मशाला में बैठक हुई है, उसमें निर्णय लिया गया कि हम दोनों तरफ की दुकानें खोलेंगे। राजगुरु मार्केट में भी यही निर्णय लागू करवाया गया है।
- गौतम नारंग, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
सरकार ने रातोंरात फैसला लेकर व्यापारियों पर थोप दिया है। व्यापार पहले ही ठप है। ऊपर से व्यापारियों को कोई राहत नहीं दी गई है। सरकार व्यापारियों को मारने का काम न करें।
- अजय सैनी, प्रधान, राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन
वर्जन
शुक्रवार को तो पहला दिन था, इसलिए नई व्यवस्था से सभी को परिचित करवाना था। कोविड-19 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट में कई शक्तियां डीसी के पास हैं। जैसे डीसी के आदेश होंगे, उनकी पालना करवाई जाएगी।
- अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम