हिसार। सीआईए मिल गेट ने तीन दिन के रिमांड के बाद अजीत पहलवान गैंग के शॉर्प शूटर सुमित उर्फ पिन्नी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में सुमित ने कबूल किया कि विनोद पान्नू गैंग के आठ गुर्गे उसके निशाने पर थे। इनमें नरेश मोठ, मोनू हसनगढ़, कपिल बालसमंद, सज्जन बालसमंद, अनिल भगाना और दिनेश पूनिया के नाम सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुमित ने बताया कि इनमें से कोई भी उसके हाथ लग जाता तो उसे ठिकाने लगाने की योजना थी। पूछताछ में उसने इस योजना में शामिल अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। सुमित की गिरफ्तारी के बाद वे सभी अंडरग्राउंड हो गए हैं, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें।
सुमित की अजीत पहलवान से सीधे बातचीत नहीं होती थी। वह दीपक सुर के संपर्क में था। दीपक ने ही उसे हथियार उपलब्ध करवाए थे।
विनोद पान्नू की हत्या के बाद पुलिस हुई अलर्ट
पिछले दिनों कोर्ट परिसर में विनोद पान्नू की हत्या के बाद जिला पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस को दोनों गुटों के बीच गैंगवार बढ़ने की आशंका है। इसी के चलते पुलिस ने बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले सुमित उर्फ पिन्नी को गिरफ्तार कर लिया।