नगर निगम अधिकारी शायद राजगुरु मार्केट में चालान नहीं काटना चाहते।
अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों का चालान काटने गई टीम की पोल मार्केट के एक व्यापारी एवं बीजेपी के हरियाणा प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ के सह संयोजक बाबूलाल अग्रवाल ने सरेआम खोल दी।
नगर निगम की टीम वीडियोग्राफी करते हुए राजगुरु मार्केट में चालान करने के लिए गई। पूरी मार्केट उन्हें खाली मिली।
इस पूरे मामले को देखकर बीजेपी नेता भड़क गए और उन्होंने दुकान से बाहर स्टाल लगा ली। उन्होंने नगर निगम सचिव राजेश महता को चुनौती दी कि आपको तो कहीं अतिक्रमण नहीं मिला।
मैंने आपको देखकर अतिक्रमण किया है, अब तो मेरा चालान कर दो। यह देखकर पूरी नगर निगम टीम हैरान रह गई।
उन्होंने नगर निगम टीम को खरी-खरी सुनाई और कहा शर्म को पहले आप लोग हल्ला करते हो फिर चालान के लिए मार्केट में आते हो।
अपनी पावर समझो, मैं संदेश देना चाहता हूं, कोई बड़ा हो या छोटा, कानून सभी के लिए बराबर है। अब उन्हें अपनी हद में आना होगा।
सरेआम पोल खुलने के साथ ही सचिव महता ने चालान बुक पकड़ी और तय बाजार ब्रांच इंचार्ज महेंद्र सैनी ने उनका चालान काट दिया।
यह नगर निगम टीम का पहला चालान था। इसके बाद टीम ने चौधरी मार्केट, पूजा मार्केट और आजाद गली सहित करीब 15 चालान काटे।
टीम इसके बाद जिंदल चौक एरिया में चली गई, वहां भी चार से पांच रेहड़ी चालकों और दुकानदारों के चालान किए।
आखिर मार्केट में आने की कौन देता है सूचना
बीजेपी नेता बाबूलाल अग्रवाल ने सचिव राजेश महता और उनकी टीम को कहा कि पांच मिनट में वीडियोग्राफी करकर वापस लौट जाने का क्या उद्देश्य है।
निगम अधिकारी मीडिया में छाने के लिए पहले हल्ला करते हैं और फिर निर्धारित समय देकर चालान काटने के लिए बाजार में आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे यह बताएं कि अगर पुलिस चोर को पकड़ने से पहले उसे सूचना दे देगी कि वे उसे पकड़ने के लिए आ रहे हैं तो क्या वह हाथ आएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर निगम से मार्केट के लोगों को सूचना देता कौन है, इसकी जांच होनी चाहिए।
चाहे अधिकारी हो या कर्मचारी कोई न कोई तो अभियान की पहले ही सूचना दे देता है और उनके आने से पहले बाजार खाली हो जाता है और जाने के बाद फिर वही हाल, ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण हो जाता है।
ट्रैफिक जोन बनाने के टेंडर पर सवाल
व्यापारियों ने कहा कि निगम मेयर और अधिकारियों ने मार्केट में ट्रैफिक जोन बनाने के लिए जो दस लाख रुपये का टेंडर दिया था, उसका क्या हुआ।
निर्धारित जोन पर पाइपें लगाकर पार्किंग बनाई जानी थी, वह काम पांच प्रतिशत भी नहीं हुआ। केवल काम चालू कर छोड़ दिया गया। अब कोई नाम तक नहीं लेता। आखिर क्यों हो रहा है ऐसे?
मैंने इसलिए स्टाल लगाई थी कि अधिकारी मेरा चालान करें और इससे मैसेज जाए कि कोई बड़ा छोटा नहीं सभी को अपनी हद में आना होगा।
निगम अधिकारी चालान काटना नहीं चाहते थे, जब मैंने स्टॉल लगाई तो उन्होंने पहला चालान किया था, इसके बाद ही अन्य चालान काटे गए थे।
अगर ऐसा नहीं होता तो निगम अधिकारी हर बार की तरह वापस जाते और कहते कि अतिक्रमण नहीं मिला व्यापारियों को अपील कर दी गई है।
- बाबूलाल अग्रवाल, बीजेपी व्यापार प्रकोष्ठ सह संयोजक
15 से भी अधिक चालान काटे गए हैं। बाबूलाल अग्रवाल ने खुद चलाना कटवाया है। आगे भी अभियान जारी रहेगा। पहला चालान दो हजार रुपये जुर्माने का होगा, आगे यह राशि बढ़ती जाएगी।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम हिसार।