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शहजादपुर सीएचसी घोटाला: एमपीएचडब्ल्यू ने खुद को दी डीजी हेल्थ से ज्यादा सैलरी, सीएम फ्लाइंग टीम ने किया खुलासा

Tue, 12 May 2026 07:43 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बास

सार

जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2022 से 2024 तक यह खेल चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी मलेरिया विभाग के खाते से छेड़छाड़ के जरिये सब ट्रेजरी नारायणगढ़ के माध्यम से पैसे निकालता था।
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आरोपी व सीएम फ्लाइंग की टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शहजादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने भ्रष्टाचार के एक अनोखे मामले को उजागर किया है। मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडल्ब्यू) 74 हजार के मूल वेतन की जगह हर महीने 7.80 लाख रुपये वेतन डलवा रहा था। अधिकारियों संग मिलकर कर्मचारी ने 94 लाख रुपये का गबन कर दिया। यह गबन 2022 से 2024 के बीच में जुड़े हैं। सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश देकर मामले को उजागर किया। 

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शहजादपुर पुलिस को तहरीर देकर सपेहड़ा निवासी एमपीएचडब्ल्यू जरनैल सिंह और उस समय के एसएमओ तरुण प्रसाद पर प्राथमिकी दर्ज करवाई है। यह कार्रवाई अमानत में ख्यानत, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी आदि धाराओं के तहत की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतना वेतन डीजी हेल्थ हरियाणा का भी नहीं है। तरुण प्रसाद अभी भी बराड़ा सीएचसी में एसएमओ के पद पर कार्यरत है।
 

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सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई के दौरान की भाग निकला कर्मचारी
सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना मिली थी कि जरनैल सिंह नामक कर्मचारी अपने वेतन से कई गुना अधिक राशि निकाल रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए सीएम फ्लाइंग की टीम ने इंस्पेक्टर राजेश और सब इंस्पेक्टर परमिंद्र सिंह की अगुवाई में सुबह 10 बजे सीएचसी शहजादपुर पहुंच गई थी। टीम के साथ सिविल सर्जन कार्यालय से नोडल अधिकारी डॉ. विपिन भंडारी और लेखा शाखा की टीम भी मौजूद रही। जैसे ही संयुक्त टीम ने सीएचसी स्टाफ को पूछताछ के लिए कार्यालय में बुलाया तो आरोपी जरनैल सिंह टीम को चकमा देकर मौके से भाग गया। सीएम फ्लाइंग की टीम में एएसआई जनक राज, सुखविंद्र, हेड कांस्टेबल बलजिंद्र शामिल रहे। टीम की यह कार्रवाई सात घंटे तक चली।

2 साल तक चलती रही धांधली, ट्रेजरी की भूमिका पर भी सवाल
जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2022 से 2024 तक यह खेल चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी मलेरिया विभाग के खाते से छेड़छाड़ के जरिये सब ट्रेजरी नारायणगढ़ के माध्यम से पैसे निकालता था। उस समय के एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद के पास डीडीओ की शक्तियां थी। जिनके हस्ताक्षर के बिना यह बिल पास होना असंभव था। हैरानी की बात यह है कि ट्रेजरी ने भी 7.80 लाख प्रति माह का वेतन जारी कर दिया। इस मामले में अब ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

एमपीएचडब्ल्यू कर्मी जरनैल सिंह सहित उस समय के एसएमओ रहे डाॅ. तरुण प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच करने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-लखबीर सिंह, इंस्पेक्टर एवं थाना प्रभारी, शहजादपुर

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