जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से रविवार को मय्यड़ में होने वाली जाट शहीदी दिवस रैली को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है।
वहीं पुलिस का खुफिया विभाग गांव मय्यड़ के चारों ओर सक्रिय किया गया है। रैली में जाट आंदोलन के लिए अगली रणनीति की घोषणा होगी।
जाट शहीद रैली मय्यड़ में पावर ग्रिड के सामने खेत में आयोजित होगी। रैली के लिए करीब डेढ़ से दो एकड़ में टेंट लगाया गया है।
जाट नेताओं के बैठने के लिए मंच बनाया गया है। रैली स्थल पर कुछ चुनिंदा कुर्सियां ही होंगी। तैयारियों को लेकर समिति के प्रेस प्रवक्ता रामभगत मलिक, जिला प्रधान कृष्ण किरमारा, जिला युवा प्रधान जोगेंद्र मय्यड़, कुलदीप लाडवा, दिलबाग देपल, प्रेम सिंह किरोड़ी, देवीप्रसन्न दहिया, रामफल, रामभगत देपल आदि ने शनिवार को रैली स्थल पहुंच जायजा लिया। समिति नेताओं ने कहा कि रैली में हरियाणा भर से जाट प्रतिनिधि पहुंचेंगे।
इसके अलावा 11 राज्यों के संघर्ष समिति के पदाधिकारी आएंगे। रैली सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
आंदोलन नवंबर में होने के संकेत
जानकारी के अनुसार 21 अक्तूबर तक हरियाणा में पंचायती चुनाव है। इस कारण समिति इस दौरान किसी बड़े आंदोलन का ऐलान नहीं करेगी। नवंबर या दिसंबर से आंदोलन का ऐलान हो सकता है। आंदोलन तीन चरण में होगा। प्रदेश तथा केंद्र सरकार पर दबाव के लिए अलग-अलग रणनीति तय की जाएगी।
दो लाइनों के बीच रैली स्थल
रैली के लिए जो स्थल चुना गया है वह दो हाईटेंशन लाइनों के बीच है। एक ओर बाजरे का खेत दूसरी ओर कपास का खेत है। गांव रामायण मोड़ के पास यह रैली स्थल एक खेत में बनाया गया है।
यहां टेंट लगाने से पहले खेत में खड़ी घास पर ट्रैक्टर चलाया गया। इसके बाद यहां दरी टेंट लगाए गए। बैठने के लिए दरी बिछाई गई है। रैली के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं थी।
समिति की ओर से रैली की अनुमति के लिए पत्र दिया गया था। जिसे मंजूर होने की जानकारी समिति के पास नहीं थी। शनिवार को पुलिस के एक डीएसपी ने अनुमति को लेकर सवाल जवाब किए। समिति के पदाधिकारी डीसी से मिले। जिसके के बाद समिति को रैली की अनुमति मिली।
शहीदों को देंगे सम्मान
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि रैली में तीनों शहीदों के परिवारों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान सुनील श्योराण, संदीप कड़वासरा तथा विजय कड़वासरा के परिवार को सम्मानित किया जाएगा।
इसमें सुनील गांव मय्यड़ का रहने वाला था। जाट समाज की ओर से पिछले पांच साल से हर वर्ष 13 सितंबर को शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
पुलिस पर काम रुकवाने का आरोप
रामभगत मलिक ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार को पुलिस प्रशासन ने रैली में रोडे़ अटकाने का प्रयास किया।
पुलिसकर्मियों ने रैली स्थल पर आकर कार्य रुकवाने का प्रयास किया। जाट नेताओं के कड़े तेवर के बाद पुलिस वहां से चली गई। जाट नेताओं ने उपायुक्त व एसपी से मिलकर अपना पक्ष रख दिया है।
हमारे पास पूरी व्यवस्था है। शांतिपूर्वक रैली होगी तो हमें कोई परेशानी नहीं। पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। किसी तरह से व्यवस्था को तोड़ने का प्रयास किया गया तो हम निपटेंगे। रविवार होने के चलते पुलिस बल उपलब्ध है। हमें दूसरे जिलों से बल नहीं मंगाना पड़ेगा। हम रैली पर पूरी नजर रखेंगे। काम रोकने के प्रयास का आरोप पूरी तरह से गलत है। - सतेंद्र गुप्ता, पुलिस अधीक्षक हिसार