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44 सालों बाद एचएयू किसानों के सुझावों को आधार बना बदलेगा कृषि मेले का स्वरूप

Fri, 11 Sep 2015 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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भले ही कुछ किसानों को बीज नहीं मिलने से मायूसी हाथ लगी हो, लेकिन रबी की फसलों को लेकर लगाए गए कृषि मेले में एचएयू ने अच्छी कमाई की।
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किसानों ने गेहूं, सरसों, फलों व सब्जियों के बीज और पौध खरीदी। इसके अलावा किसानों की सोच में आ रहे बदलाव का असर कृषि वैज्ञानिकों पर भी पड़ा।

इसी के चलते 44 साल बाद पहली बार सर्वे करवाया गया। सर्वे में दो सौ किसानों से मेले में बदलाव संबंधी सुझाव मांगें गए है। इन सुझावों पर अब एजुकेशन एक्सटेंशन विभाग बदलाव संबंधी मैपिंग तैयार करेगा।

मेले का हुआ समापन
 दो दिवसीय रबी कृषि मेले का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। मेले के संयोजक एवं विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आरएस अंतिल के बताया कि कृषि मेले के दौरान दो दिनों में करीब 50 हजार से अधिक किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। मेले में आए किसानों ने करीब 83.50 लाख रुपये के रबी फसलों व सब्जियों की उन्नत व प्रमाणित बीज तथा फलदार पौधों की नर्सरी खरीदी। प्रदर्शनी में करीब 200 स्टॉल लगाए गए थे। किसानों मिट्टी पानी के कुल 279 तथा 432 नमूने टेस्ट करवाए।
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किसानों को करवाया फार्मों का अवलोकन
एचएयू के फार्मों में मौजूदा समय में किस तरह से पैदावार की जा रही है। किन तकनीकों व मशीनों का विश्वविद्यालय प्रयोग करता है। सभी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और कुछ मशीनों का प्रयोग करके दिखाया गया। किसानों को विवि के अनुसंधान फार्म का भ्रमण करवाया गया।

उन्हें वैज्ञानिक विधि से उगाई गई फसलों के प्रदर्शन प्लॉट दिखाए गए। इसके साथ कृषि में प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा कृषि उत्पादन व गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

एक लाख का बिका कृषि साहित्य     
कृषि मेले में किसानों ने बीजों, इंजीनियरिंग यंत्रों के अलावा फसलों में आने वाली बीमारियों व बिजाई तकनीकों से जुड़ी किताबों पर विशेष ध्यान दिया। किसानों ने दो दिनों एक लाख रुपये की किताबें खरीदी।

दो लाख का बिका सब्जियों का बीज
किसानों से लेकर शहरों में बागवानी का शौक रखते हैं उनके लिए कृषि मेला खास रहा। सस्ते दामों पर किचन गार्डन के लिए कई सब्जियों के बीज एचएयू ने मुहैया करवाए।

इसी के चलते इतने सालों में पहली बार दो लाख रुपये का सब्जियों का बीज एचएयू प्रशासन ने बेचा। किचन गार्डन के लिए विशेष पैकेज बनाया गया था, जिसमें गाजर, शलगम , पालक आदि के बीज थे। वहीं कुछ सब्जियों की पौध भी किचन गार्डन के शौकिनों को दी गई।

एचएयू के किसान सेवा केंद्र पर मिलेंगे गेहूं व सरसों के बीज
कृषि मेले में गेहूं की 1105 वैरायटी बीज सबसे ज्यादा बिका। इसके अलावा अन्य 343 बीज की मांग भी रही। लेकिन उसमें बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

ऐसे में वह किसानों को मुहैया नहीं करवाया गया। वहीं सरसों की 749 किस्म की मांग बहुत ज्यादा रही। 22 मन प्रति एकड़ की पैदावार के चलते किसानों को यह सबसे ज्यादा पसंद है। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आंतिल ने बताया किसानों के लिए सरसों व गेहूं के बीजों की कमी नहीं है।
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शुक्रवार से बीज एचएयू के किसान सेवा केंद्र पर उपलब्ध रहेगा। सरकारी सब्सिडी के साथ किसान वहां से बीज प्राप्त कर सकते है। 25 हजार रुपये के फलों की पौध कृषि मेले में बिकी।
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