हिसार। एचएयू में बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ‘अनुवांशिक शुद्धता प्रबंधन’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. बीआर कांबोज बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि बीजों की आनुवांशिक शुद्धता बनाए रखना केवल किसानों के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। सतत अनुसंधान, जागरूकता, उचित प्रबंधन से हम बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आनुवंशिक शुद्धता प्रबंधन से शुद्ध बीज तैयार करके अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इससे रोग प्रतिरोधी क्षमता, अधिक उत्पादन व जलवायु अनुकूलता बनी रहेगी। किसानों को अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रमाणित बीजों का उपयोग करना चाहिए। बीज उत्पादन प्रक्रिया के साथ भण्डारण एवं बीज परीक्षण पर निगरानी रखना भी बहुत जरूरी है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए विभिन्न किस्मों के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि किसान कम लागत में अधिक पैदावार/उत्पादन प्राप्त कर सकें। बीज उत्पादन के क्षेत्र में स्वरोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।
अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि बीज की गुणवत्ता और सही चयन से फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। बेहतर फसल और बंपर उत्पादन के लिए बीज काफी महत्वपूर्ण होते हैं। बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विरेंद्र मोर ने बताया कि कृषि निरीक्षक अनिल कुमार को उत्तम बीज उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया।