हिसार। जिले के पहले व्यावसायिक सेक्टर-25 को चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) यहां सड़क, सीवर, पेयजल और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं पर 187 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
पहले चरण में 78 करोड़ रुपये के एस्टीमेट मंजूर किए गए हैं जबकि दूसरे चरण के 109 करोड़ रुपये के कार्यों को अभी अनुमति नहीं मिली है। पहले चरण में सीवरेज, ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति लाइन और आंतरिक सड़कों के लिए बजट मंजूर किया गया है।
अधिकारियों ने पहले इन सुविधाओं के लिए करीब 187 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। सेक्टर में 15 गुणा 30 मीटर आकार के डिस्प्ले शोरूम प्रस्तावित हैं। यहां 90 गज के कुछ चुनिंदा प्लॉट हैं। इसके अलावा 250, 350, 538, 1000 और 1500 गज के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। मल्टीलेवल पार्किंग और बड़े होटल भी प्रस्तावित हैं। इनके लिए 15 हजार गज के प्लॉट उपलब्ध कराने की योजना है। चार होटलों के लिए 13 एकड़ जमीन तय की गई है।
एचएसवीपी ने सेक्टर के प्लॉटों की ऑनलाइन बोली भी करवाई थी, लेकिन रिजर्व प्राइस अधिक होने के कारण किसी ने रुचि नहीं दिखाई। यहां प्रति गज 2.5 लाख रुपये रिजर्व प्राइस तय किया गया था। बाद में इसे कम करने का फैसला लिया गया। सेक्टर-25 के लेआउट प्लान में संशोधन के दौरान फायर स्टेशन, बूस्टिंग स्टेशन, ग्रिड सब स्टेशन, पुलिस स्टेशन, वेयरहाउस, अस्पताल और इंस्टीट्यूशन जैसी कुछ साइट रद्द कर दी गई थीं। इन्हें पास में प्रस्तावित सेक्टर-7 में विकसित किया जाएगा। यह औद्योगिक सेक्टर होगा।
डिस्प्ले शोरूम होंगे विकसित
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की तर्ज पर सेक्टर-25 में भी डिस्प्ले शोरूम बनाए जाएंगे। प्रत्येक शोरूम का आकार 15 गुणा 30 मीटर होगा। इनसे सेक्टर की खूबसूरती बढ़ेगी। पुराने लेआउट में डिस्प्ले शोरूम शामिल नहीं थे। इसके अलावा सेक्टर में 30 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी। प्रस्तावित सेक्टर-7 को सेक्टर-25 के पास विकसित किया जाएगा। यह औद्योगिक सेक्टर होगा। इसमें फायर स्टेशन, बूस्टिंग स्टेशन, ग्रिड सब स्टेशन, पुलिस स्टेशन, वेयरहाउस, अस्पताल और इंस्टीट्यूशन होंगे।
-
सेक्टर-25 में बिजली, सड़क, सीवर और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए एस्टीमेट के एक हिस्से को मंजूरी दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद सेक्टर को विकसित करने का काम शुरू कराया जाएगा।
- संपदा अधिकारी, एचएसवीपी, हिसार।
-
पहले चरण के कार्य
वाटर सप्लाई — 11 करोड़ रुपये
ड्रेनेज सिस्टम — 9 करोड़ रुपये
सीवरेज सिस्टम — 8 करोड़ रुपये
आंतरिक सड़कें — 44 करोड़ रुपये
-
दूसरे चरण के कार्य
बाहरी सड़कें — 78 करोड़ रुपये
आंतरिक सड़कें — 31 करोड़ रुपये
-
110 करोड़ से 187 करोड़ तक पहुंचा खर्च
सेक्टर के विकास के लिए सबसे पहले 110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। बाद में यह बढ़कर 136 करोड़ रुपये हो गया और अब लागत 187 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। करीब आठ साल पहले इसका लेआउट कम डिमार्केशन प्लान तैयार किया गया था, लेकिन अब तक विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। हिसार में सबसे आखिरी सेक्टर वर्ष 2014 में सेक्टर-33 पार्ट-टू के रूप में विकसित किया गया था। वर्तमान में सेक्टर-33 पार्ट-टू हिसार का सबसे महंगा सेक्टर है।
-
ये होंगी सुविधाएं
सुविधा
एरिया
संख्या
शॉप-कम-ऑफिस
11.76 एकड़
173
बूथ
0.09 एकड़
5
डिस्प्ले शोरूम
26.91 एकड़
242
होटल
13.07 एकड़
4
शॉपिंग मॉल
3.63 एकड़
2
बहुमंजिली पार्किंग
6.8 एकड़
1