हिसार। साइबर थाना पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग में आधार कार्ड के इस्तेमाल का भय दिखाकर चिकित्सक से 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में दूसरे आरोपी कानपुर के किदवई निवासी रितेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग में आधार कार्ड के प्रयोग का भय दिखा शहर निवासी एक चिकित्सक से धोखाधड़ी कर 15 लाख रुपये किदवई नगर कानपुर निवासी ज्ञानेंद्र उर्फ विकास के बैंक खाते में भेजे गए थे। आरोपी रितेश गुप्ता, ज्ञानेंद्र उर्फ विकास के साथ काम करता है। रितेश गुप्ता ने ज्ञानेंद्र उर्फ विकास का बैंक खाता कमीशन पर आगे किसी और को बेच दिया। ज्ञानेंद्र उर्फ विकास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस को 14 अक्तूबर 2024 को 15 लाख रुपये की ठगी होने के बारे में शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पेशे से चिकित्सक है और उसके बच्चे विदेश में रहते हैं। 4 अक्तूबर को मोबाइल फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर एक पार्सल दुबई भेजा गया है। जिसमें पुलिस की वर्दी, पहचान पत्र, 150 ग्राम केटामिन और तीन डेबिट कार्ड हैं। शिकायतकर्ता से कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग में संदिग्ध है। कॉल करने वाले ने वारंट और गिरफ्तारी का भय दिखा 15 लाख रुपये की ठगी की थी। उक्त मामले में आरोपी रितेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।