नारनौंद। एसडीएम विकास यादव ने शनिवार को कर्मचारियों के साथ बैठक कर पर्यावरण संरक्षण के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले काफी दिनों से प्रदूषण लगातार दूषित हो रहा है। कुछ किसान अनजाने में धान की पराली जला रहे हैं। उन किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसडीएम ने बताया कि धान की पराली के निपटान के लिए सरकार ने 15 बेलर मशीन लगाई हैं। किसान इनके माध्यम से पराली की गांठें बनवा सकते हैं। इसके लिए किसानों को 1,200 रुपये अनुदान भी मिलेगा। उसके बावजूद कुछ किसान पराली जला रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। कृषि विभाग, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में विशेष तौर पर निगरानी रखेंगे।
खंड कृषि अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि आग लगाकर किसान खुद का नुकसान भी कर रहे हैं। इससे धरती के अंदर के कीट आग के कारण नष्ट हो रहे हैं और भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती जा रही है। इसलिए किसानों को खेत में आग नहीं लगानी चाहिए। जो भी किसान अपने खेत में आग लगाएगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जुर्माना लगाकर मेरी फसल मेरा ब्योरा पर लाल स्याही लगाकर उसकी फसल की खरीद और कृषि से संबंधित सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। दो एकड़ क्षेत्र में आग लगने पर पांच हजार रुपये जुर्माना, तीन से पांच एकड़ पर 10,000 रुपये जुर्माना और पांच एकड़ से ज्यादा पर 300,000 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है।