बरवाला/हिसार। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि बरवाला क्षेत्र में स्थायी सिविल कोर्ट की स्थापना के लिए गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के बाद बरवाला में सिविल कोर्ट की स्थापना की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि इसके लिए अप्रैल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजा गया था। इसके बाद दो बार सरकार के उच्चाधिकारियों से बात कर इस मामले को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। संभावित कार्यालय के लिए परिसरों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।
मंत्री ने कहा कि बार एसोसिएशन बरवाला के सदस्य एडवोकेट दिनेश सिंह सैनी, नरेश कुमार सिंगला, मनोज कुमार, कृष्ण बंसल और मनजीत नैन उनसे मिले थे। बरवाला वर्ष 2011 में उपमंडल बन गया था। इसके बावजूद बरवाला और उकलाना सहित उसके आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए हिसार तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे काफी असुविधा होती है।
हिसार और बरवाला के बीच की दूरी करीब 45 किमी है जबकि बरवाला की उपतहसील उकलाना से हिसार जिला मुख्यालय की दूरी 65 किमी से भी अधिक है। हिसार के सिविल और आपराधिक दोनों मामलों के लिए अदालत में हाजिर होने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इससे वादियों, खासकर वंचित वर्ग के लोगों पर भारी वित्तीय बोझ भी पड़ता है। बरवाला बहुत पुरानी तहसील, नगर पालिका और उपमंडल है। इसमें उपतहसील उकलाना तक के 50 गांवों के साथ दो पुलिस थाने भी आते हैं।
शीघ्रता से मिलेगा न्याय
मंत्री ने कहा कि बरवाला में स्थायी सिविल कोर्ट की स्थापना से लंबित मामलों को कम करके कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। इससे न्याय शीघ्रता से मिलने और समय पर समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। हिसार की जिला अदालतें पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों के मुकदमों से भरी हैं। बरवाला में एक समर्पित सिविल कोर्ट की स्थापना से जिला अदालतों पर दबाव कम करने, न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने और मुकदमों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।