सदर थाने में मौजूद अनुसूचित जाति समाज के लोग व कांग्रेसी नेता प्रेम सिंह मलिक।
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हांसी। जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति के कुछ लोगों ने शुक्रवार को एसपी से मुलाकात की। इससे पहले ये लोग सदर थाना प्रभारी से भी मिलने गए थे। एसपी ने मामले की जांच के बाद ही किसी प्रकार के कार्रवाई की बात कही।
कांग्रेस पार्टी के नेता प्रेम सिंह मलिक के नेतृत्व में अनुसूचित जाति के लोगों ने सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार से मुलाकात कर कहा कि जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी ने अनुसूचित समाज के लोगों के बारे में गलत शब्दों का प्रयोग किया था। उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए। थाना प्रभारी ने इस मामले में उच्च अधिकारियों के निर्देश का पालन करने की बात कही। इसके बाद वे लोग एसपी नितिका गहलोत से मुलाकात करने पहुंचे। प्रेम सिंह मलिक का कहना है कि एसपी नितिका गहलोत ने उनकी बात सुनी और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रेम सिंह मलिक ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर मामला दर्ज नहीं किया गया तो 11 गांवों की पंचायत बुलाकर बड़ा फैसला लिया जाएगा।
इस दौरान जयपाल प्रधान, रिंकू ठेकेदार, बलवान फौजी, धोला राम, संदीप, सतीश, राजेश, राममेहर, चिमन फौजी, बिमला,सोनू, संतोष, अंजू,सुनीता व कमलेश आदि मौजूद थे।
ये था मामला
गांव उमरा में 27 जुलाई को एक किशोरी का विवाह जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी ने रुकवाया था। लड़की के परिजनों को इस संबंध में नोटिस भी जारी हुआ है। आरोपी अधिकारी बबीता चौधरी का कहना है कि निराधार आरोप लगाकर मामले को दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मैं 14 वर्षों से अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से कर रही हूं।