हिसार। एशियाई खेलों में हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले में बुधवार को भारतीय टीम की गोलकीपर सविता पूनिया गोलपोस्ट पर दीवार बनकर डटी रहीं। उन्होंने विरोधी टीम के हमलों को नाकाम करते हुए कई महत्वपूर्ण बचाव किए। सविता के प्रदर्शन से भारतीय टीम का गोलपोस्ट अभेद्य रहा और विरोधी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
कोच आजाद सिंह मलिक ने बताया कि सविता ने अपनी फुर्ती और अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए महत्वपूर्ण क्षणों में टीम को मजबूती दी। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में गोलकीपर का प्रदर्शन निर्णायक होता है। सविता की मौजूदगी से टीम के अन्य खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा। कोच और परिजनों के अनुसार टीम की रक्षा और आक्रमण पंक्ति ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई।
बड़े मुकाबलों में शांत और प्रभावी प्रदर्शन विशेषता
कोच आजाद सिंह मलिक ने बताया कि सविता लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम की रीढ़ रही हैं। उनके नेतृत्व और अनुभव ने टीम को कई बड़ी प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाई है। बड़े मुकाबलों में शांत और प्रभावी प्रदर्शन करना उनकी विशेषता रही है। सेमीफाइनल में भी उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया। सविता के पिता महेंद्र सिंह सिरसा जिले के गांव जोधकां की ढाणी में मेडिकल स्टोर संचालक हैं। उन्होंने मोबाइल फोन पर मैच का सीधा प्रसारण सुना। सविता के भाई भविष्य सिरसा में नौकरी करते हैं। उन्होंने भी अपने कार्यस्थल पर मैच पर नजर रखी। टीम के बेहतर प्रदर्शन के कारण सविता के पास सिर्फ दो बार गेंद पहुंची और उन्होंने दोनों बार उसे रोक लिया।
दीपिका सहरावत के 21 गोल से बहुत दूर अन्य खिलाड़ी
रोहतक जिले की सांपला तहसील क्षेत्र के गांव भैंसरु खुर्द निवासी दीपिका सहरावत इस प्रतियोगिता में कुल 21 गोल कर चुकी हैं। वरिष्ठ वर्ग के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम 50 से अधिक गोल हैं। इस प्रतियोगिता में पहले आठ और फिर नौ गोल कर वह अपना ही कीर्तिमान बना चुकी हैं। कोच आजाद सिंह मलिक ने बताया कि यह रिकॉर्ड अन्य खिलाड़ियों से करीब दोगुना है। दीपिका के पिता जगदीश ने बताया कि परिवार में बुजुर्ग की मौत के कारण उन्होंने बुधवार को मैच नहीं देखा। वीरवार को तेरहवीं होने के कारण शुक्रवार को वह पूरे उत्साह के साथ मैच का सीधा प्रसारण देखेंगे।
पुरुष हॉकी में आज सेमीफाइनल में भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सेमीफाइनल मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ वीरवार दोपहर एक बजे होगा। कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि भारतीय टीम में जिले के गांव डाबड़ा निवासी संजय कालीरावण भी शामिल हैं। उनका खेल देखने के लिए जिलेवासियों में उत्सुकता बनी हुई है।