हिसार। जिले में इन्फ्लूएंजा फ्लू वायरस के 12 पॉजिटिव रोगी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बुधवार और वीरवार को मिलाकर 13 नए आशंकित मरीजों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। शुक्रवार को नमूनों की रिपोर्ट आएगी। वहीं फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक से केस वायरल, खांसी-जुकाम के आ रहे हैं। इन्फ्लूएंजा फ्लू वायरस के लक्षण वायरल बुखार से मिलते-जुलते हैं। इन्फ्लूएंजा फ्लू वायरस श्वसन रोग है। यह नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरस से बचाव के लिए सावधानी बरतें।
कार्यकारी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि आती-जाती सर्दी में इन्फ्लूएंजा फ्लू वायरस के केस सामने आते हैं। यह तीन प्रकार का होता है ए, बी और सी। उन्होंने बताया कि इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं। वायरल होने पर खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें और दूसरे व्यक्ति के संपर्क में न आएं। अभी तक जो पॉजिटिव मरीज आए हैं उनको टेमी फ्लू की दवा दी गई है।
ओपीडी में आने वाला हर तीसरा व्यक्ति वायरल ग्रस्त
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजीत लाठर ने बताया कि इस मौसम में वायरल के रोगी बढ़ रहे हैं। ओपीडी में आना वाला हर तीसरा मरीज वायरल से ग्रस्त है। वायरल के साथ-साथ खांसी और जुकाम भी है।
ये सावधानी बरतें
खांसी-जुकाम होने पर मास्क पहन कर रखें।
समय-समय पर हाथ धोते रहें।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
पानी को उबाल कर पीएं।