हिसार। विभिन्न मांगों के लिए ग्रामीण चौकीदार संघ और चौकीदार कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने बुधवार को चंडीगढ़ के लिए पैदल कूच शुरू कर दिया। क्रांतिमान पार्क में जनसभा के बाद चौकीदार नारेबाजी करते हुए रवाना हुए। पहले दिन उन्होंने करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर बरवाला में पहला पड़ाव डाला। चौकीदारों के अनुसार वीरवार को वे नरवाना पहुंचेंगे जबकि 15 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचने का लक्ष्य है।
क्रांतिमान पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण चौकीदार संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव रमेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार लंबे समय से न्यूनतम वेतन, कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी), श्रम कल्याण निधि (एलडब्ल्यूएफ), ओवरटाइम, सामाजिक सुरक्षा तथा श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले वैधानिक अधिकारों से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि विकास एवं पंचायत विभाग की पुरानी फाइल संख्या सीएफएमएस-1311 को 18 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। इसके अलावा 24 जून को दर्ज नई फाइल संख्या-19498 पर भी अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
रमेश शर्मा ने कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारियों से कई दौर की वार्ता तथा बार-बार आग्रह के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते चौकीदारों को पैदल मार्च का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही है।
ग्रामीण चौकीदार संघ ने मांग की है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विकास एवं पंचायत विभाग, श्रम विभाग और वित्त विभाग की संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक जल्द आयोजित कर लंबित फाइलों पर अंतिम निर्णय लिया जाए। साथ ही ग्रामीण चौकीदारों को न्यूनतम वेतन, ईएसआईसी, एलडब्ल्यूएफ, ओवरटाइम सहित सभी वैधानिक अधिकार तत्काल प्रभाव से प्रदान किए जाएं। इस अवसर पर चौकीदार कर्मचारी यूनियन एवं संबंधित भारतीय जनता मजदूर सेल के प्रदेश अध्यक्ष विनोद, विजय, धर्मवीर, सेवक दास, टेकचंद, राजा, भूराराम, प्रदीप, अजय, ऋतिक, देशराज, सत्यवान, संदीप सहित सैकड़ों ग्रामीण चौकीदार मौजूद रहे।