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Hisar News: बालसमंद में राजकीय कॉलेज भवन निर्माण के लिए दूसरी बार रफ कॉस्ट एस्टीमेट तैयार

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हिसार। प्राइमरी स्कूल का भवन, जिसमें कालेज की कक्षाएं लग रही हैं। संवाद
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हिसार। बालसमंद स्थित राजकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर) ने दूसरी बार रफ कॉस्ट एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दिया है। इस बार एस्टीमेट 12 करोड़ रुपये का तैयार किया गया है।
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इससे पहले विभाग ने 29 करोड़ रुपये का रफ कॉस्ट एस्टीमेट तैयार किया था, लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग ने उसे बहुत अधिक बताते हुए संशोधन के निर्देश दिए थे। विभाग का तर्क था कि पहले प्रस्तावित भवन का आकार बड़ा है और भविष्य में उसके रखरखाव में कठिनाई हो सकती है। इस पर बीएंडआर को निर्देश दिए गए कि छात्र संख्या के आधार पर नया नक्शा और एस्टीमेट तैयार किया जाए। संशोधित नक्शे के अनुसार अब भवन का आकार और लागत दोनों घटा दिए गए हैं।
जुलाई 2018 से किराये के भवन में चल रहीं कक्षाएं
कॉलेज की घोषणा भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में की गई थी। 5 जुलाई 2018 से कॉलेज की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल भवन में शुरू की गईं। कॉलेज के लिए चयनित 7 एकड़ 6 कनाल 13 मरले जमीन पर फरवरी 2021 में कब्जा मुक्त कराया गया, जिसे 15 सितंबर 2022 को पंचायत से उच्चतर शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया। मार्च 2023 में कॉलेज का नाम चौधरी भजनलाल गवर्नमेंट कॉलेज, बालसमंद रखा गया और 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भवन निर्माण का शिलान्यास किया था।
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खस्ताहाल भवन में लग रही हैं कक्षाएं
वर्तमान में कॉलेज की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल के जर्जर भवन में चल रही हैं। शुरुआत में कॉलेज में बीए और बीकॉम कोर्स शुरू किए गए थे, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण सत्र 2022–23 में बीकॉम संकाय बंद कर दिया गया। एक समय में कॉलेज में करीब 500 विद्यार्थी पढ़ते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 192 रह गई है।
दिशा बैठक में भी उठा था मुद्दा
हाल ही में हुई दिशा समिति की बैठक में विधायक चंद्रप्रकाश ने प्राइमरी स्कूल के जर्जर भवन में चल रही कक्षाओं का मुद्दा उठाया था। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन की जल्द मरम्मत करवाई जाएगी।

राजकीय कॉलेज भवन का नक्शा मंजूर हो चुका है। 12 करोड़ रुपये का रफ कॉस्ट एस्टीमेट मुख्यालय भेज दिया गया है। फिलहाल आवश्यकता के अनुसार भवन बनाया जाएगा। भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर विस्तार का प्रावधान रहेगा। - गौरव जैन, एक्सईएन, बीएंडआर
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