कांप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान पार्ट टू के तहत शहर में रेलवे अंडर पास, रेलवे अंडर ब्रिज, ओवर ब्रिज की संभावनाओं के लिए सर्वे शुरू किया गया है।
करीब एक महीने तक चलने वाले फिजिकल सर्वे के बाद कंपनी पूरी स्टडी रिपोर्ट तैयार कर नगर निगम को सौंपेगी। इसमें बताया जाएगा कि 2021 के मास्टर प्लान के हिसाब से हमें कहां कितने आरओबी, आरयूबी व ओवर ब्रिज की जरूरत होगी।
नगर निगम की ओर से शहर के यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए कांप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत सर्वे कराया जा रहा है। नोएडा की एक कंपनी को सर्वे का काम सौंपा गया था।
इसमें पहले चरण की रिपोर्ट निगम अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। इसमें यातायात की समस्याओं तथा वाहनों की संख्या की रिपोर्ट दी गई थी। इसके अनुसार पार्किंग व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई थी।
निजी कंपनी ने सीएमपी के पार्ट दो में शहर के लिए अंडरपास, ओवरब्रिज को लेकर सर्वे शुरू किया है। कंपनी की दो टीम अलग-अलग हिस्सों में सर्वे कर रही हैं। इसमें कुल 12 एक्सपर्ट शहर के प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर सर्वे कर रहे हैं।
अगले एक सप्ताह में यह फिजिकल सर्वे पूरा हो जाएगा। इसके बाद कंपनी वाहनों की संख्या के आधार पर पूरी स्टडी रिपोर्ट तैयार कर निगम को प्रजेंटेशन देगी।
कहां-कहां किया सर्वे
- सेक्टर 16-17 रेलवे फाटक
- कैमरी रोड रेलवे फाटक
- डाबड़ा चौक रेलवे ओवरब्रिज
- जिंदल कंपनी रेलवे ओवरब्रिज
- महाबीर कॉलोनी रेलवे डबल फाटक
- ठंडी सड़क डाबडा चौक के पास रेलवे फाटक
- बालसमंद रोड मलिक चौक के पास रेलवे फाटक
ऐसे तैयार हो रही सर्वे रिपोर्ट
कंपनी की ओर से वाहनों की वर्तमान संख्या के आधार पर अगले 6 साल का अनुमान लगाया जा रहा है। वाहनों की हर साल की बढ़ने वाली दर के हिसाब से तय किया जा रहा है कि वर्ष 2021 में वाहनों की संख्या कितनी हो जाएगी।
इतने वाहनों के लिए कितनी चौड़ी सड़कें चाहिए। कहां-कहां पर रेलवे के अंडरपास की जरूरत होगी। कहां पर आरओबी की जरूरत होगी।
कहां पर आरओबी को फोरलेन करने की जरूरत है। इसके अलावा कंपनी की ओर से यह भी सर्वे होगा कि कहां-कहां पर कितनी जमीन उपलब्ध है।
सबसे बड़ी समस्या कैंप चौक से बस अड्डा
कंपनी की ओर से किए जा रहे सर्वे में शहर की सबसे बड़ी समस्या कैंप चौक से लेकर बस अड्डा तुलसी चौक के बीच की है। यहां पीक ऑवर में सबसे अधिक समस्या होती है।
राजगुरु मार्केट, रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डा इस दायरे में होने के कारण यहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा है। कंपनी की ओर से इस रोड के जाम को समाप्त करने के लिए सड़क की चौड़ाई के लिए सर्वे हो रहा है।
सर्वे के दूसरे चरण में हम आरओबी, आरयूबी, ओवर ब्रिज के लिए फिजिकल मेजरमेंट कर रहे हैं। कहां-कहां कितनी जमीन उपलब्ध है।
आरओबी, आरयूबी, ओवर ब्रिज के लिए कितनी जमीन चाहिए इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर रहे हैं। एक सप्ताह में काम पूरा होने की उम्मीद है।
- नीरज कुमार, टीम लीडर, टीपीए इंजीनियरिंग कंसलटेंसी कंपनी
टोपोग्राफी सर्वे के लिए काम चल रहा है। एक महीने में हम रिपोर्ट तैयार कर नगर निगम को सौंपेंगे। शहर की ट्रैफिक समस्याओं को लेकर यह रिपोर्ट होगी।
निगम की ओर से यह सर्वे का काम सौंपा गया था। सीएमपी प्रोजेक्ट में हम पहले चरण की रिपोर्ट दे चुके हैं।
- राजीव राय, प्रोजेक्ट इंचार्ज, टीपीए इंजीनियरिंग कंसलटेंसी कंपनी
सीएमपी प्रोजेक्ट के तहत सर्वे कराया जा रहा है। इसमें दूसरे फेज में आरओबी, आरयूबी, ओवर ब्रिज को लेकर सर्वे हो रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार शहर में काम कराए जाएंगे।
- डॉ. चंद्रशेखर खरे, नगर निगम आयुक्त, हिसार