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रोडवेज को रोजाना 9 लाख की आमदनी तो रेलवे को हो रहा 4 लाख 40 हजार रुपये का नुकसान

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कोरोनाकाल में जहां एक ओर रोडवेज को रोजाना नौ लाख की आमदनी हो रही है, वहीं रेलवे को 4 लाख 40 हजार का नुकसान भी हो रहा है। फिलहाल हिसार से सिर्फ एक ही ट्रेन गोरखधाम रवाना हो रही है। ऐसे में रोजाना रेलवे को रिजर्वेशन टिकट की सिर्फ 60 हजार रुपये ही आमदनी हो रही है, वहीं रोडवेज को रोजाना करीब नौ लाख की आमदनी हो रही है, जोकि लॉकडाउन से पहले के मुकाबले काफी कम है।
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उल्लेखनीय है कि हिसार और हांसी डिपो की 200 से ज्यादा बसें हैं, लेकिन फिलहाल 125 से लेकर 150 बसें ही विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। ऐसे में रोडवेज को भी पहले के मुकाबले आमदनी काफी कम हो रही है। उधर, यात्रियों की मांग को देखते हुए बसें बढ़ाई जा रही हैं।
लॉकडाउन से पहले रेलवे को आमदनी
- टिकट रिजर्वेशन काउंटर पर : करीब ढाई लाख
- सामान्य काउंटर पर : करीब ढाई लाख
- फिलहाल हो रही 60 हजार रुपये की आमदनी
- हिसार से चल रही यात्री ट्रेन : 1
बस स्टैंड.....
लॉकडाउन से पहले चलती थीं हिसार और हांसी डिपो की 200 से ज्यादा बसें
- अब चल रही हैं करीब 125 से 150 बसें
- रोडवेज को फिलहाल हो रही करीब 9 लाख की आमदनी
फिलहाल अन्य ट्रेन चलने के कोई आसार नहीं
फिलहाल हिसार रेलवे स्टेशन से एक ही ट्रेन गोरखधाम एक्सप्रेस रवाना हो रही है। उसमें भी जाते समय सवारियों की संख्या पहले के मुकाबले कम हैं। उधर, स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी का कहना है कि अभी कोई और ट्रेन चलाने को लेकर उनके पास आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में फिलहाल अन्य ट्रेन चलने के कोई आसार नहीं हैं।
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वर्जन
फिलहाल हिसार से एक ही ट्रेन गोरखधाम एक्सप्रेस चल रही है। ऐसे में सिर्फ 60 हजार रुपये ही आमदनी हो रही है, जबकि करीब 4 लाख 40 हजार रुपये का रोजाना नुकसान हो रहा है।
- दीपचंद, चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर, रेलवे
वर्जन
फिलहाल 125 से 150 के बीच ही बसें चल रही हैं। रोजाना करीब 9 लाख रुपये की आमदनी हो रही है, जोकि लॉकडाउन से पहले के मुकाबले काफी कम है। यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
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- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज
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