हिसार। शहर के मॉडल टाउन निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल को साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 71.27 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पीड़ित के अनुसार 10 सितंबर को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसके एडमिन राकेश जैन और अद्विका शर्मा थे। दोनों ने खुद को रिलायंस सिक्युरिटीज का ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया। 7 अक्तूबर को अद्विका शर्मा ने पीड़ित को ट्रेडिंग खाता खोलने का दबाव बनाया और इसके बाद एक अलग ग्रुप भी बना दिया।
15 अक्तूबर को आरोपियों ने एक एप और फर्जी वेबसाइट के जरिए नकली अकाउंट बनवाकर बड़ी राशि निवेश करने को कहा। लालच देने के लिए दो बार छोटी-छोटी रकम वापस भी भेजी गई। 15 से 27 अक्तूबर के बीच पीड़ित से लाखों रुपये निवेश करवाए गए। 1 नवंबर को उनके अकाउंट में मनमाने तरीके से 34,400 शेयर दिखाकर उसकी कीमत 1.56 करोड़ रुपये बताई गई। विरोध करने पर नियमों का हवाला देकर निवेश डूबने की धमकी दी गई।
3 नवंबर को भेजे गए 11 लाख रुपये की एनईएफटी रोकने के लिए जब पीड़ित ने इंडसइंड बैंक के प्रबंधक अरुण मदान से संपर्क किया तो पता चला कि यह खाता संदिग्ध है और आगे कोई लेन-देन न करें। इसके बावजूद 11 नवंबर को उन्होंने 50 हजार रुपये और जमा कर दिए। 18 नवंबर को जब ठगों ने 3 लाख रुपये और मांगे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का पूरा अहसास हुआ।
शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने रिकॉर्ड की जांच की तो मामला संगठित साइबर ठगी का पाया गया। जांच अधिकारी सौरव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।