कुलदीप समर्थक बिफरे, बोले- क्या पता बाहर से ले जाकर बाद में कुछ दिखा दें, सामान की तलाशी दो
आदमपुर से विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुलदीप बिश्नोई के आवास पर आयकर विभाग की रेड की कार्रवाई को चलते 35 घंटे से अधिक समय बीत चुका है। बुधवार को कुलदीप समर्थक बिफर गए और उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी बार-बार बाहर से सामान मंगवा रहे हैं, जो बैग या थैलों में ले जाया जा रहा है। ऐसे में कुछ भी सामान बाहर से ले जाकर बाद में कहा जाएगा कि यह बरामद हुआ है। कार्यकर्ताओं ने बाहर से ले जाए जाने वाले बैग-थैले उन्हें चेक कराने की मांग की।
बैग ले जा रहे विभागीय टीम के सदस्यों ने चेक कराने से इनकार किया तो कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। तल्खी बढ़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े हुए थे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बैग-थैले चेक कराने से इनकार करते हुए कहा कि ये आयकर विभाग का काम है।
इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस की बात सुनने से भी कार्यकर्ताओं ने इनकार किया और बैग लेकर अंदर जा रहे टीम सदस्य को जबरदस्ती रोक लिया। यह ड्रामा करीब 15 से 20 मिनट तक चलता रहा। हंगामे की स्थिति को देखते हुए अंदर सूचना दी गई, जिसके बाद आयकर अधिकारियों की ओर से बैग चेक कराने की परमिशन मिलने के बाद कार्यकर्ताओं को बैग चेक कराया गया, जिसमें मोबाइल चार्जर सहित कई अन्य डिवाइस के चार्जर थे। इसके बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए।
अभी जारी रह सकती है छापामार कार्रवाई
आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई वीरवार को भी जारी रह सकती है। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कार्रवाई शुरू की थी। तब से समाचार लिखे जाने तक 35 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई पूरी रात और वीरवार को भी जारी रह सकती है।
मीडिया से बच रहे अधिकारी
फिलहाल आयकर विभाग के अधिकारी के कुछ भी बताने से बच रहे हैं। हालांकि अधिकारी बाहर नहीं आ रहे हैं, लेकिन गाड़ी ड्राइवरों या टीम स्टाफ के सदस्य यदा-कदा सामान आदि लेने के लिए बाहर आ जाते हैं। जब भी उनसे कुछ पूछा जाता है तो वे कुछ भी बताने से साफ बच रहे हैं।
बेरिकेट्स लगा गली को रोका
सेक्टर-15 स्थित कुलदीप के आवास की गली को पुलिस ने दोनों ओर से बेरिकेट्स लगाकर रोक दिया है। इस गली से किसी भी आमजन को आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि गली में रहने वाले लोगों को पूछताछ के बाद एक ओर से आने-जाने दिया जा रहा है। आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कार्यकर्ता भी कोठी के बाहर जमा हैं, लेकिन वे सामने बने पार्क में मौजूद हैं और पुलिस उन्हें कोठी के गेट के सामने खड़ा नहीं होने दे रही है।