हिसार। वार्ड-10 में अंडरपास के निर्माण की मांग में 100 फुट का रास्ता अड़चन बना हुआ है। पिछले 29 साल से वार्ड के लोग इस रास्ते के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि लोगों का दावा है कि वह इस मामले में 29 साल पहले कोर्ट में केस भी जीत चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके बिजली निगम इस रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटा रहा है। बिजली निगम का कहना है कि यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।
विद्युत नगर की चहारदीवारी खत्म होने के बाद बिजली निगम की वर्कशॉप बनी हुई है। निगम की चहारदीवारी व वर्कशॉप के बीच करीब 100 फुट चौड़ा रास्ता है। इसमें 30 फुट की जगह पर दिल्ली रोड से लेकर रेलवे ट्रैक तक सड़क बनी हुई है। वार्ड 10 के लोगों के अनुसार बिजली निगम ने अपनी वर्कशॉप के आगे खाली 70 फुट की जगह पर ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे व अन्य सामान रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। वह काफी वर्षों से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग उठा रहे हैं। वर्ष 1995 में वार्ड के लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया था। मगर आज तक निगम ने यह अतिक्रमण नहीं हटाया है। इसके बाद वर्ष 2020 में फिर से कोर्ट में बिजली निगम के खिलाफ याचिका दायर कर दी, जो मामला विचाराधीन है।
हाउस की बैठक में अतिक्रमण हटाने की बात कही
वार्डवासियों की मानें तो वह सूर्य नगर की गली नंबर 25 के सामने रेलवे ट्रैक पर अंडरपास बनाने की मांग उठा रहे हैं। इसमें यह अतिक्रमण भी बाधा बन रहा है। लोगों के मुताबिक बिजली निगम के अधिकारी निगम की हाउस की बैठक में यह बयान दे चुके हैं कि वह इस अतिक्रमण को हटा लेंगे।
- वर्ष 1995 में मैंने व पूर्व पार्षद हवा सिंह ने इस मामले को लेकर कोर्ट गए थे और कोर्ट ने बिजली निगम को यह अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। मगर आज तक उन आदेशों की पालना नहीं हुई। - ईश्वर सिंह
- वर्ष 2020 में मैंने व निवर्तमान पार्षद बिमला देवी ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। यह मामला अभी विचाराधीन है। यह रास्ते से अतिक्रमण को हटाने की हमारी काफी पुरानी मांग है। - हेमंत
- बिजली निगम ने इस रास्ते पर अतिक्रमण किया हुआ है। वार्ड के लोग काफी समय से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग उठा रहे हैं। अगर यह अतिक्रमण हट जाता है तो अंडरपास बनाने में कोई अड़चन नहीं आएगी। - राधेश्याम
- यह करीब 100 फुट चौड़ा रास्ता है, लेकिन बिजली निगम ने अतिक्रमण कर इसे 30 फुट का कर दिया है। जब तक निगम इस अतिक्रमण को नहीं हटाता, उनकी लड़ाई जारी रहेगी। - जिले सिंह
अभी यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पुराने केस की मुझे जानकारी नहीं है। - अमनदीप, एक्सईएन, स्टोर शाखा, बिजली निगम