अग्रोहा(हिसार)। हिसार -सिरसा नेशनल हाइवे पर स्थित अग्रोहा टीले पर खोदाई के दौरान प्राचीन इमारत के अवशेष मिले हैं। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से चल रही खोदाई का निरीक्षण करने के लिए वीरवार को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के ऑर्कियोलॉजी विभाग प्रमुख प्रो. रेणुका ठाकुर पहुंचीं।
रेणुका ठाकुर ने बताया कि टीले की खोदाई से न केवल प्राचीन सभ्यता और कालखंड की जानकारी मिलेगी बल्कि पुरातत्वविदों सहित छात्रों व इतिहासकारों के लिए भी यह शोध का केंद्र बनेगा। खोदाई के लिए टीले पर बनाए ट्रेंच नंबर बी वन में से दीवार के अवशेष, प्राचीन इमारत के अवशेष, कलाकृतियां, कमल पुष्प अंकित पत्थर मिले हैं। ट्रेंच ए वन पर भी पुरातन इमारत के अवशेष मिले हैं, जिसकी खोदाई की जा रही है। इन अवशेषों को जांच के लिए भेज दिए हैं। शोधकर्ता छवि, बुलबुल, दिव्या, ज्ञानेश्वरी , साक्षी , नूतन प्रिया ने बताया कि टीले पर बनाए गए अलग-अलग ट्रेंच से पत्थरों पर उकेरी विभिन्न कलाकृतियां, मिट्टी की हंडियां, भवननुमा अवशेष, इमारत की सीढ़ियों के अवशेष, मिट्टी की खिलौनेनुमा वस्तुएं, मिट्टी के ढक्कन, छोटे गोल बर्तन, मनके जैसी सामग्री मिल चुकी है। खोदाई के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अंकुश गुप्ता और दो छात्राएं भी आईं।
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने की टीले पर खोदाई
टीले पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पुरातत्व विभाग से दो अधिकारी डाॅ. जमाल अहमद व डाॅ. अफरोज जमाल भी पहुंचे। इन्होंने टीले का निरीक्षण कर खोदाई की। बता दें कि कि पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ सर्कल के निदेशक पुरातत्वविद् कामेई अथेलियू काबोई, उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य एवं डा. अर्कीत प्रधान, मनोज जोशी के नेतृत्व में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की निगरानी में अग्रोहा टीले पर खोदाई का कार्य चल रहा है।