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रेलूराम हत्याकांड : दोषी सोनिया और संजीव की अंतरिम जमानत पर 11 अगस्त को अंतिम बहस

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हिसार। पूर्व विधायक रेलूराम हत्याकांड मामले में दोषी सोनिया-संजीव को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दोनों के वकीलों को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया। इस मामले में 11 अगस्त को अंतिम बहस होगी।
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जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई के बाद अदालत ने प्रतिवादी संख्या-2 सोनिया-संजीव के वकीलों से सख्त लहजे में कहा कि आप दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करें। एडवोकेट आइना वर्मा खोवाल ने बताया कि रेलूराम पूनिया के भतीजों जितेंद्र पूनिया, सतपाल पूनिया, कौशल और कमल पूनिया की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

कोर्ट ने इस याचिका को 11 अगस्त, को फिर से सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। पहले से पारित अंतरिम रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। यह निर्णय मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के लिए लिया गया है। प्रतिवादियों की ओर से अशोक कुमार शर्मा और अन्य अधिवक्ता पेश हुए।
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क्या है मामला : सोनिया व संजीव ने अगस्त 2001 में लितानी गांव स्थित फार्म हाउस में पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया (50), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41), पुत्र सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पुत्री प्रियंका (14), पोता लोकेश (4), पोतियां शिवानी (2) और 45 दिन की प्रीति की हत्या कर दी थी। मई 2004 में हिसार की अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। बाद में फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
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