हिसार। हरियाणा में वीएलडीडी (वेटरनरी लाइवस्टॉक डेवलपमेंट डिप्लोमा) कोर्स के छात्रों को बड़ी राहत मिली है। फीस बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद अब छात्रों को अतिरिक्त फीस लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जनता कॉलेज, सोनीपत ने वीएलडीडी प्रथम वर्ष (2024–25 बैच) के छात्रों के खातों में 33,700 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर कर दी है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के अन्य निजी कॉलेजों में भी फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और करीब 15–16 कॉलेजों में जल्द ही छात्रों के खातों में राशि ट्रांसफर होने की संभावना है। दरअसल पहले वीएलडीडी कोर्स में स्टेट कोटा की वार्षिक फीस करीब 90 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया गया था। वहीं मैनेजमेंट कोटा की फीस 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी गई थी। फीस में इस बढ़ोतरी से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था, जिसके विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन भी किए।
इस मामले में हरियाणा वीएलडीडी एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटवारी सुंडावासिया ने छात्रों के हित में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फीस संरचना की समीक्षा कर नई फीस तय करने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से गठित समिति ने छात्रों और निजी कॉलेजों का पक्ष सुनने के बाद फीस कम करने की सिफारिश की। इसके बाद सरकार ने स्टेट कोटा की फीस 1.80 लाख रुपये से घटाकर 1,46,270 रुपये और मैनेजमेंट कोटा की फीस 2.50 लाख रुपये से घटाकर 2,15,270 रुपये प्रति वर्ष कर दी। साथ ही सत्र 2024–25 और 2025–26 के छात्रों से ली गई अतिरिक्त फीस वापस करने के आदेश भी जारी किए गए।
इसी आदेश के तहत कॉलेजों ने अब छात्रों को अतिरिक्त राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बीच परीक्षा से जुड़ा विवाद भी सामने आया था, जिसमें सात पेपर रद्द कर दिए गए थे। बाद में कुलपति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने पर केवल एक पेपर की दोबारा परीक्षा करवाई गई और वीएलडीडी प्रथम वर्ष (2024–25 बैच) का परिणाम घोषित किया गया।
घोषित परिणाम में छात्र नेता राजेश पटवारी सुंडावासिया ने 700 में से 630 अंक हासिल कर अपने कॉलेज में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरे हरियाणा के वीएलडीडी छात्रों की है और सभी छात्रों को पूरी अतिरिक्त फीस वापस मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।