लिस ने जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर किसी भी प्रकार की घटना को लेकर
नई पुलिस लाइन में रविवार को पूर्वाभ्यास किया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ पर
नियंत्रण करने और अपना बचाव करने के तरीके सीखे। जाट समुदाय के गुटों ने
आरक्षण की मांग को लेकर 12 और 21 फरवरी को आंदोलन की घोषणा की है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की घोषणा के मद्देनजर पुलिस ने यह पूर्वाभ्यास
किया। इसमें एक तरफ पथराव किया गया और दूसरी तरफ बचाव करने का तरीका अपनाया
गया। इसमें पथराव करती भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए आंसू गैस के गोले
छोड़ना समेत तमाम तरह से बचाव की मुद्रा अपनाई गई।
पुलिस का कहना है कि
आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, जनजीवन और यातायात प्रभावित न
हो, दंगा फसाद से कैसे निपटें, खुद का बचाव कैसे करें, भीड़ को कैसे
खदेड़ें, आंसू गैस का प्रयोग आदि पर अभ्यास किया गया।
सुरक्षा कर्मी भीड़
से निपटने में क्या कदम उठाएं, पथराव के दौरान पोजीशन कहां लेनी, सुरक्षा
दीवार कैसे और कहां बनानी है। इन बिंदुओं पर भी विशेष ट्रेनिंग दी गई।
पुलिस ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान संभावित माहौल को देखते हुए रणनीति
बनाई है।